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सद्र सिटी में संघर्षविराम हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ सरकार ने कहा है कि उसने राजधानी बग़दाद के सद्र सिटी इलाक़े में शिया लड़ाकों और अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओं के बीच कई सप्ताह से जारी लड़ाई रोकने के लिए के समझौता किया है. सद्र सिटी में शिया चरमपंथियों की तरफ़ से मध्यस्थता करने वाले करीम बख़ाती ने कहा है कि अमरीकी सेनाओं ने बम हमले रोकने का वादा किया है. सरकार ने हालाँकि इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी है लेकिन शिया मध्यस्थों का कहना है कि शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों की सेना मेहंदी आर्मी सोमवार से अपने हथियार इराक़ी पुलिस को सौंपना शुरू कर देंगे. बख़ाती ने कहा, "तमाम सशस्त्र अभियान तुरंत प्रभाव से बंद हो जाएंगे और जो भी इस समझौते को तोड़ेगा उसे क़ानून और धर्म के ख़िलाफ़ समझा जाएगा." समझा जा रहा है कि चार-पाँच दिन तक हथियार इकट्ठे किए जाएंगे. इराक़ी सरकार ने तो इस समझौते की पुष्टि की है लेकिन अमरीका की तरफ़ से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं आई है. शिया कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया है कि मुक़्तदा अल सद्र ने राजनीति में आने का इरादा ज़ाहिर किया है. यह समझौता देश में सुरक्षा बहाल करने की प्रधानमंत्री ईयाद अलावी की कोशिशों का एक हिस्सा है ताकि अगले साल जनवरी में चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से कराए जा सकें. इससे पहले शिया बहुल शहर नजफ़ में सद्र के समर्थकों और अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन की सेनाओं के बीच भारी लड़ाई चल रही थी और अगस्त में मध्यस्थों के ज़रिए संघर्षविराम हुआ था. राजधानी बग़दाद के सद्र सिटी ज़िले की आबादी क़रीब बीस लाख है और वहाँ पिछले कुछ सप्ताहों में भारी लड़ाई होती रही है. बीबीसी संवाददाता केरेन एलन का कहना है कि यह समझौता काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसा वक़्त है जब अमरीकी गठबंधन वाली सेनाएँ अन्य इलाक़ों में भी अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश में जुटे हैं. |
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