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हमले का शक जेमा इस्लामिया पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशियाई और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के पीछे अल क़ायदा से जुड़े संगठन जेमा इस्लामिया का हाथ हो सकता है. जेमा इस्लामिया वही संगठन है जिसे वर्ष 2002 में इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर हुए बम हमलों के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है. सिडनी से बीबीसी संवाददाता फ़िल मरसर का कहना है कि आज तक ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कोई बड़ा चरमपंथी हमला नहीं हुआ है लेकिन बाली में हुए हमले में जो 200 लोग मारे गए थे उनमें 88 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थे. इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति हमहाज़ हाज़ ने कहा है कि इंडोनेशिया में अब कई आतंकवादी हैं जिनमें कुछ ख़तरनाक आतंकवादी शामिल हैं. उन्होंने कहा,"हम आतंकवादियों के इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. मैं पहले भी कह चुका हूँ कि हम एक बड़े नैतिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं. डॉक्टर अज़हारी जैसे आतंकवादी अब भी हमारे बीच मौजूद हैं.” इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति हामहाज़ हाज़ ने जिन डॉक्टर अज़हारी का ज़िक्र किया है वो मलेशिया के नागरिक हैं और माना जाता है कि उनका हाथ दो बड़े चरमपंथी हमलों में था. ये दो हमले थे- पिछले साल जकार्ता के मेरियट होटल में हुआ हमला जिसमें 12 लोग मारे गए थे और उससे पहले बाली द्वीप पर हुआ हमला. बीबीसी के इस्लाम से जुड़े मामलों के संवाददाता रॉजर हार्डी का कहना है कि जेमा इस्लामिया के इंडोनेशिया के अलावा मलेशिया और दक्षिणी फ़िलिपींस में कुछ समर्थक हैं लेकिन उसके संबंध अल क़ायदा से हैं. जेमा इस्लामिया के कुछ प्रमुख नेताओं ने अफ़ग़ानिस्तान के प्रशिक्षण केंद्रों में ट्रेनिंग ली है जिनमें से एक दक्षिण एशिया का ओसामा बिने लादेन कहा जाने वाला हंबाली अब जेल में है. लेकिन साथ ही रॉजर हार्डी कहते हैं कि जब अफ़ग़ानिस्तान में अल क़ायदा के ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई तो जेमा इस्लामिया काफ़ी हद तक स्वायत्त हो गया और माना जा रहा है कि कुछ अहम नेताओं की गिरफ़्तारी के बावजूद जेमा इस्लामिया ने अपनी चरमपंथी गतिविधियों को जारी रखा है. |
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