|
अमरीका ने नजफ़ पर बम बरसाए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सैनिकों ने नजफ़ में शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के ख़िलाफ़ नए सिरे से सैनिक कार्रवाई शुरू की है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अमरीकी लड़ाकू विमानों ने सद्र समर्थकों के ठिकानों पर बमबारी की. शहर में हज़रत अली के मज़ार और उसके परिसर पर अभी भी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों का नियंत्रण बना हुआ है. इस बीच मुक़्तदा अल सद्र के एक प्रवक्ता अहमद अल शैबानी ने शनिवार को कहा था कि इराक़ी सरकार को समझ लेना चाहिए कि वह सद्र समर्थकों को शहर से बाहर नहीं निकाल सकती. अल शैबानी ने कहा, "हम मसले का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं. हमारे दरवाज़े खुले हैं. हम उम्मीद करते हैं कि सरकार और अमरीकी सेना को यह पता चल गया होगा कि बलपूर्वक कुछ भी हासिल नहीं हो सकता." उन्होंने बताया कि वे पवित्र परिसर का नियंत्रण शहर की सर्वोच्च धार्मिक संस्था को सौंपने को तैयार हैं. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसर में अमरीकी या इराक़ी सैनिक नहीं घुस पाएँ इसके लिए मेहदी सेना के लड़ाके परिसर के बाहर बने रहेंगे. मौजूदगी माना जा रहा है कि मज़ार के परिसर में क़रीब एक हज़ार सद्र समर्थक मौजूद हैं लेकिन ये हथियारबंद नहीं हैं.
कुछ नागरिकों का कहना है कि अमरीकी और इराक़ी सैनिक पवित्र मज़ार में न घुस पाएँ वे इसके लिए मानव श्रृंखला बना रहे हैं. अमरीकी टैंकों और बख़्तरबंद गाड़ियों ने अभी भी शहर को घेर रखा है. शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र कहाँ हैं- इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. इस बीच दक्षिणी इराक़ी शहर अमारा से ख़बर ये है कि हथियारबंद लोगों ने एक जेल में घुसकर बंदियों को छुड़ा लिया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी संवाददाता को बताया कि हथियारबंद लोग शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक थे. उधर इराक़ में लापता हुए तीन यूरोपीय पत्रकारों के बारे में पिछले तीन दिनों से कोई सूचना नहीं मिल पाई है. इनमें से दो पत्रकार फ़्रांस और एक इटली के हैं. इस बीच ख़बर मिली है कि इटली के पत्रकार के साथ यात्रा कर रहे इराक़ी अनुवादक का शव नजफ़ के पास से बरामद किया गया है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||