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नजफ़ में मज़ार पर इराक़ी पुलिस का नियंत्रण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के नजफ़ शहर में शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक छापामार हज़रत अली के मज़ार से बाहर निकल गए हैं. ख़बरें हैं कि इराक़ी पुलिस ने शियाओं के सबसे पवित्रतम स्थल माने जाने वाले इस मज़ार के परिसर में प्रवेश करना शुरू कर दिया है. पिछले दो सप्ताह से विद्रोही छापामारों ने यहाँ अपना ठिकाना बना रखा है और अमरीकी सैनिकों ने उन्हें चारों ओर से घेर रखा था. गुरूवार की रात को छापामारों के ठिकानों पर भारी गोलीबारी के बाद अब मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक वहाँ से निकल गए हैं. इराक़ी गृह मंत्रालय का कहना है कि पुलिस हज़रत अली के मज़ार में कुछ धार्मिक नेताओं के साथ घुसी है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "इराक़ी पुलिस ने मज़ार पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और उनके साथ धार्मिक नेता भी वहाँ मौजूद हैं." समाचार एजेंसियों का कहना है कि मुक़्तदा अल सद्र कहाँ हैं इसका पता नहीं चल सका है लेकिन उनसे बातचीत करने के बाद ही उनके समर्थकों ने मज़ार से बाहर निकलने का फ़ैसला किया. शांति नजफ़ से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इक्का-दुक्का धमाकों को छोड़कर तीर्थनगर नजफ़ में शांति है, गुरूवार की रात हुई भारी बमबारी के बाद यह शांति साफ़ तौर पर महसूस हो रही है.
गुरूवार को अमरीकी विमानों ने विद्रोहियों के ठिकानों पर बम गिराए और टैंकों से हमला बोला था, दो सप्ताह से चल रहे संघर्ष का सबसे भयानक दिन गुरूवार ही था. इराक़ी स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार गुरूवार से लेकर अब तक नजफ़ में 77 लोग मारे जा चुके हैं और लगभग 70 लोग घायल हैं. मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के मज़ार से बाहर निकलने के ठीक पहले उनके प्रवक्ता ने कहा कि उनका "संघर्ष जारी रहेगा और मेहदी सेना को भंग करने की माँग नहीं मानी जाएगी" लेकिन इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री इयाद अलावी ने कहा है कि मुक़्तदा अल सद्र को दिया गया "शांति का प्रस्ताव अब भी क़ायम है." अलावी ने कहा कि मुक़्तदा अल सद्र को हथियार छोड़कर राजनीति में शामिल होना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक तरीक़े से अपनी बात सामने रख सकें. |
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