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नजफ़ में लगातार छठे दिन संघर्ष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शहर नजफ़ में अमरीकी सैनिकों और शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के बीच लगातार छठे दिन भी लड़ाई जारी है. ख़बर है कि दोनों ओर से गोलीबारी जारी है. हिंसा में तेज़ी मुक़्तदा अल सद्र के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने संघर्ष जारी रखने की बात कही थी. दूसरी ओर अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि संघर्ष के बावजूद अमरीकी सैनिक नजफ़ में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. हालाँकि बुश ने यह नहीं बताया कि अमरीकी सैनिक मुक़्तदा अल सद्र को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं या जान से मारने की. बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनज़र पोलैंड के नेतृत्व वाली बहुराष्ट्रीय सेना ने नजफ़ और क़दीसिया प्रांत की सुरक्षा का ज़िम्मा अब अमरीकी सैनिकों को सौंप दिया है. राजधानी बग़दाद में भी कई धमाकों की ख़बर है लेकिन अभी किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. दक्षिणी शहर बसरा में सोमवार को एक ब्रितानी सैनिक की हत्या के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. ब्रितानी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. संघर्ष विराम नहीं बग़दाद स्थित एक अमरीकी सैनिक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि घायलों को नजफ़ से ले जाने के लिए संघर्षविराम अब लागू नहीं है. इसके लिए उन्होंने सद्र समर्थकों को ज़िम्मेदार ठहराया.
नजफ़ और क़दीसिया प्रांत में सैनिक नेतृत्व अमरीकी सैनिकों को सौंपे जाने की ख़बर पोलैंड के सैनिक अधिकारियों के एक बयान के बाद आई. बयान में कहा गया है कि यह बदलाव इराक़ में एक वरिष्ठ अमरीकी सैनिक अधिकारी के आदेश पर किया गया है. अभी भी बहुराष्ट्रीय सेना इराक़ के तीन और प्रांतों का ज़िम्मा संभाल रही है. नजफ़ के नियंत्रण पर बयान के तुरंत बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री मारेक बेल्का ने वाशिंगटन में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात की. नजफ़ में अमरीकी रणनीति के बारे में बुश ने कहा, "हमारी नीति प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के साथ मिलकर काम करने की है. हमारे सैनिक मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं और उन्हें इसमें सफलता भी मिल रही है." बुश ने इराक़ में पोलैंड की भूमिका की सराहना भी की. |
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