|
जापानी परमाणु संयंत्र हादसे में चार मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान के एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र में हुई दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हैं. जापान के पश्चिमी तट पर स्थित मिहामा परमाणु संयंत्र की पाइप से भाप रिसने के कारण यह हादसा हुआ लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यहाँ रेडियोधर्मी तत्त्व नहीं पाए गए हैं. जापान अपनी एक तिहाई बिजली की ज़रूरतों के लिए परमाणु ऊर्जा पर निर्भर करता है. बीबीसी के टोक्यो संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है कि यह गंभीर घटना है लेकिन हालात और बिगड़ सकते थे. अधिकारियों का कहना है कि ठंडा रखने के लिए पानी की कमी के कारण टरबाइन रूम में यह हादसा हुआ. दरअसल भाप के दबाव के कारण पाइप टूट गई और इससे रिसाव शुरू हो गया. अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि रेडियोधर्मी तत्त्वों का रिसाव नहीं हुआ है. इस घटना के बाद मिहामा संयंत्र को फ़िलहाल बंद कर दिया गया है. वैसे इस घटना को 1999 में तोकाईमुरा संयंत्र में रेडियोधर्मी तत्त्वों के रिसाव के बाद दूसरी बड़ी घटना माना जा रहा है. उस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद एक बार फिर बिजली के लिए परमाणु ऊर्जा पर जापान की ज़्यादा निर्भरता पर सवाल उठने लगे हैं. देश की बिजली का 30 प्रतिशत हिस्सा परमाणु ऊर्जा से पैदा होता है. लेकिन संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं क्योंकि कई बार ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||