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बीएनपी नेता को कोई खेद नहीं है | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटिश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता निक ग्रिफ़िन ने इस्लाम की आलोचना करने पर माफ़ी माँगने से इनकार कर दिया है. बीबीसी की एक डॉक्यूमेंटरी में निक ग्रीफ़िन को एक भाषण में इस्लाम की आलोचना करते हुए दिखाया गया है. गुरूवार रात को दिखाई गई इस डॉक्यूमेंटरी में ग्रिफ़िन ने अपने इस भाषण में कहा था, "इस्लाम दुराचारी और द्वेषपूर्ण धर्म" है. इस डॉक्यूमेंटरी के प्रसारित होने के बाद बीबीसी पर ही एक इंटरव्यू में बीएनपी चेयरमैन निक ग्रीफ़िन ने इस्लाम की आलोचना पर खेद जताने से इनकार करते हुए कहा कि "पश्चिमी दुनिया में इस्लाम बलात्कार के ज़रिए" फैला है. लेकिन निक ग्रीफ़िन ने बीएनपी के अन्य कार्यकर्तओं के बयानों के लिए माफ़ी माँगी जिनमें उन्होंने नस्लवादी अपराध करने की बात स्वीकार की थी. ग्रीफ़िन ने कहा कि ऐसे तीन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. उनमें से एक कार्यकर्ता ने बीबीसी रिपोर्टर जेसन गवनी को बताया कि ब्रेडफ़र्ड में 2001 के दौरान हुए जातीय दंगों के दौरान उसने किस तरह एक मुस्लिम युवक की ख़ूब पिटाई की थी जिससे उसको बहुत चोट आई थी. इस कार्यकर्ता ने यह भी कहा था कि उस मुस्लिम युवक की पिटाई करने के मामले में कोई और ही पकड़ा गया था. बीएनपी के एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा था कि वह ब्रेडफ़र्ड में 'रॉकेट लाँचरों से मस्जिदों को उड़ाना' चाहता है. बीएनपी के चेयरमैन निक ग्रीफ़िन ने कहा है कि इन तीन कार्यकर्ताओं को बर्ख़ास्त कर दिया गया है और एक अन्य पर भी पार्टी नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है. मुसलमानों के ख़िलाफ़ डॉक्यूमेंटरी में निक ग्रीफ़िन को भाषण देते हुए दिखाया गया है जिसमें वे उपस्थित लोगों से कह रहे हैं कि वे मुसलमानों के मुक़ाबले में खड़े हो जाएँ.
ग्रीफ़िन कहते हैं, "कुछ सनकी और उन्मादी लोगों ने इस्लाम फैलाया है और अब यह एक देश से दूसरे देश में फैलता जा रहा है." निक ग्रीफ़िन ने बीबीसी के साथ बातचीत में अपने इन बयानों पर माफ़ी माँगने से इनकार कर दिया. यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपनी इस बात पर क़ायम हैं कि इस्लाम का विस्तार बलात्कार के ज़रिए हुआ है, ग्रीफ़िन ने कहा, "यह उन तरीक़ों में से एक है जिनके ज़रिए इस्लाम का विस्तार हुआ है. यह इसलिए भी फैला है क्योंकि क़ुरआन मुसलमानों से जो करने को कहता है- इस्लाम तलवार की नोक पर भी फैला है." निक ग्रीफ़िन ने कहा, "आप मुझे क़ुरआन की व्याख्या करने के लिए बीस मिनट या एक घंटा दीजिए, और मैं आपको दिखा दूँगा कि हमारे बीच कैसा दैत्य मौजूद है." पलट वार निक ग्रीफ़िन ने उल्टे बीबीसी की यह कहते हुए आलोचना की कि उसने डॉक्यूमेंटरी का मनमाने तरीक़े से संपादन किया है और अगर उनके भाषणों को पूरी तरह दिखाया जाए तो जातीय आलोचना की बात ग़लत साबित होती है. वेस्ट यॉर्कशर पुलिस का कहना है कि सीक्रेट एजेंट नाम की इस डॉक्टूमेंटरी में उठाए गए मुद्दों की जाँच की जा रही है और पूरे टेप की समीक्षा की जाएगी. ब्रिटेन के मुस्लिम संगठनों ने कहा है कि उन्हें बीएनपी की टिप्पणियों से झटका तो लगा है लेकिन कोई ताज्जुब नहीं हुआ है. ब्रिटेन के गृह मंत्री डेविड ब्लंकेट ने इस महीने के शुरू में ही ऐसा संकेत दिया था कि जातीय या धार्मिक भावनाएँ भड़काने और इस आधार पर समुदायों के बीच नफ़रत फैलाने को क़ानून के तहत अपराध बनाया जाएगा. |
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