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इराक़ियों को सौंपे जाएँगे सद्दाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि सद्दाम हुसैन और उनके शासनकाल के 11 साथियों को बुधवार को क़ानूनी रुप से इराक़ियों को सौंप दिया जाएगा. उन्होंने कहा है कि सद्दाम हुसैन और उनके साथियों को अभी अमरीकी फ़ौजों की देखरेख में ही रखा जाएगा. एक पत्रवार्ता में ईयाद अलावी ने कहा है कि सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई कुछ ही दिनों के भीतर शुरु कर दी जाएगी हालांकि उन पर मुकदमा शुरु होने में कुछ महीनों का समय लगेगा. उन्होंने कहा कि क़ानूनी रुप से इराक़ को सौंपे जाने के बाद सद्दाम हुसैन को वकीलों से मुलाक़ात का मौका भी दिया जाएगा. प्रधानमंत्री अलावी ने कहा है कि हालांकि सद्दाम हुसैन ने इराक़ियों के साथ न्याय नहीं किया लेकिन उनके साथ न्याय किया जाएगा. उन्होंने कहा, "हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि नई सरकार काम करना चाहती है और हम इराक़ में स्थिरता चाहते हैं." प्रधानमंत्री अलावी ने कहा, "हम अपने दाग़दार इतिहास को पीछे छोड़ देना चाहते हैं और राष्ट्रीय एकता और समझौते के साथ चलना चाहते हैं." सद्दाम हुसैन और उनके साथियों को इराक़ी सुरक्षा बलों को तभी सौंपा जाएगा जब इराक़ी इस बात को लेकर आश्वस्त हो जाएँ कि वे उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं. उधर इराक़ के गृहमंत्री फ़ाला हसन अल-नक़ीब ने कहा है कि चरमपंथ और संगठित अपराध पर काबू पाकर सुरक्षा बल इराक़ी जनता का विश्वास जीत सकते हैं. उनका कहना था कि अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन फ़ौजें ऐसा करने में सफल नहीं हो सकीं. गृहमंत्री ने कहा है कि यदि ज़रुरत पड़ी तो सरकार सुरक्षा के आपातकालीन कदम भी उठाएगी. |
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