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इराक़ी सेना का पुनर्गठन होगा: अलावी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि वे विद्रोहियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को नए सिरे से तैयार करेंगे. पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री अलावी ने कहा कि सेना में इस तरह के बदलाव किए जाएँगे ताकि सुरक्षा बलों की सभी शाखाओं का नियंत्रण सीधे उनके हाथ में आ जाए. उन्होंने कहा कि इराक़ी सेना का इस्तेमाल आंतरिक समस्याओं से निपटने में भी किया जाएगा. प्रधानमंत्री अलावी ने कहा कि इराक़ी सेना में एक विशेष दस्ता भी तैयार किया जाएगा जो चरमपंथ के ख़िलाफ़ कार्रवाई में लगाया जाएगा. दूसरी ओर इराक़ के कई इलाकों में हिंसा का दौर जारी रहा. अलग-अलग घटनाओं में एक अमरीकी सैनिक के अलावा 12 लोग मारे गए. अनबार प्रांत में एक अमरीकी मरीन मारा गया. जबकि सामारा में कम से कम आठ इराक़ी अमरीकी सेना के साथ संघर्ष में मारे गए. तिकरित में स्थानीय परिषद के एक सदस्य की मौत हो गई. जबकि बक़ूबा में दो लोग मारे गए. राजधानी बग़दाद में भी एक विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई. अपील प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने इराक़ी सुरक्षा बलों को और आधुनिक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की भी अपील की.
अमरीका 30 जून को इराक़ की अंतरिम सरकार के हाथ सत्ता सौंप रहा है. इराक़ के प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा कि सत्ता हस्तांतरण के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा की ज़िम्मेदारी उनकी ही होगी. आंतरिक सुरक्षा के लिए एक निदेशालय के गठन का ऐलान करते हुए अलावी ने कहा, "हम हर तरह से इतने तैयार रहेंगे कि किसी तरह की हिंसा से निपट सकें." उन्होंने कहा कि जब तक इराक़ी सेना हथियारों सहित दूसरे मामलों में पूरी तरह आधुनिक नहीं हो पाती तब तक उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहायता की ज़रूरत होगी. उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार देश के कुछ इलाक़ों में आपात व्यवस्था लागू करने की सोच रही है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके. |
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