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फ़लूजा में हवाई हमला, 20 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना ने इराक़ के फ़लूजा शहर में अल क़ायदा के एक प्रमुख चरमपंथी अबू मुसाब अल ज़रक़ावी को पकड़ने के लिए हवाई हमला किया है. हमले में 20 इराक़ी मारे गए हैं जिनमें औरतें,बच्चे और बुज़ुर्ग भी शामिल हैं. ज़रक़ावी ऐसे लोगों की सूची में शीर्ष पर हैं जिनकी अमरीका को तलाश है. अमरीका उन्हें ओसामा बिन लादेन का एक प्रमुख सहयोगी मानता है और उनका कहना है कि पिछले महीने अमरीकी बंधक निक बर्ग की गला काटकर की गई हत्या के पीछे ज़रक़ावी का ही हाथ था. अमरीकी सेना आरोप लगाती आई है कि ज़रकावी इराक़ में अमरीकी सेना पर हुए हमलों के लिए ज़िम्मेदार हैं. हमला फ़लूजा के स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरीकी सेना ने दो बार हमले किए. दूसरा हमला तब किया गया जब बचावकर्मी हमले में तबाह हुई इमारतों में जाकर बचावकार्य कर रहे थे. एक नागरिक विसाम अली हमाद ने एपी समाचार एजेंसी को बताया, "इतने ज़्यादा लोग इसलिए मारे गए क्योंकि मिसाइल चलाए जाने के बाद, हम घायल हुए लोगों को बचाने के लिए पहुँचे लेकिन उस समय बचाव कार्य में लगे लोगों को दूसरी मिसाइल से निशाना बनाया गया." लेकिन अमरीकी सेना का कहना है कि उसे जानकारी मिली थी कि ज़रक़ावी के 'गिरोह' के कई सदस्य उस समय उस घर में मौजूद थे. अमरीकी सेना के प्रवक्ता जनरल मार्क किम्मिट ने कहा है कि हमले की जगह के पास हथियार और गोलाबारूद रखा था जो अमरीकी हमले के बाद फट पड़ा. फ़लूजा में स्थानीय लोगों और अमरीकी सैनिकों के बीच संघर्ष रूकवाने के लिए पिछले महीने हुए समझौते के बाद वहाँ पहली बार हमला हुआ है. फ़लूजा के बाहर अमरीकी सैनिकों के साथ चल रहे एक बीबीसी संवाददाता ने कहा है कि अमरीकी सेना की कार्रवाई से ये पता चलता है कि अमरीका अल क़ायदा को कोई सुरक्षित जगह नहीं देना चाहता और इसके लिए वह हवाई हमले भी कर सकता है. |
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