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'अमरीका पर हमले की योजना थी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा है कि ग्यारह सितंबर 2001 के हमले के बाद रूस ने अमरीका को आगाह किया था कि इराक़ अमरीका पर हमले की योजना बना रहा है. रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि उनके ख़ुफ़िया अधिकारियों के पास इस बात की सूचना थी कि "इराक़ अमरीका और दुनिया भर में अमरीकी ठिकानों पर आतंकवादी हमले करने की तैयारी कर रहा था." पुतिन ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि इन साज़िशों के पीछे सद्दाम हुसैन की सहमति थी या नहीं. पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमरीकी राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा है कि सद्दाम हुसैन और अल क़ायदा के बीच तार जुड़े थे. राष्ट्रपति बुश ने ग्यारह सितंबर के हमलों की जाँच करने वाली एक समिति की रिपोर्ट पर असहमति जताई थी जिसने कहा था कि सद्दाम और अल क़ायदा के बीच कोई सहयोग नहीं था. मॉस्को से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पुतिन के इस बयान को आश्चर्य के साथ देखा जा रहा है और कुछ लोग इसे राजनीतिक संकट में घिरे बुश की सहायता करने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं. हैरतअंगेज़ कज़ाकस्तान की यात्रा पर गए पुतिन ने कहा कि रूस ने कई बार अमरीका को चेतावनी दी थी कि "इराक़ आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहा है." उन्होंने पत्रकारों से कहा, "ग्यारह सितंबर के हमलों और इराक़ के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई शुरू होने के बीच, रूसी ख़ुफ़िया अधिकारियों ने कई बार ऐसी जानकारी दी जिसे अमरीका तक पहुँचा दिया गया." उन्होंने कहा, "इन सूचनाओं के बावजूद हम इराक़ पर हमला करने के ख़िलाफ़ थे, हमने अपनी राय नहीं बदली और युद्ध का विरोध करते रहे." उन्होंने कहा कि "हमले की योजना बनाने के बारे में जानकारी थी लेकिन किसी आतंकवादी कार्रवाई में उनके शामिल होने के सबूत नहीं थे, ये दोनों अलग-अलग बातें हैं." |
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