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बच्चे का जन्म रुकवाने को आतुर माँएं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया की गर्भवती महिलाएँ जिनके प्रसव की तारीख़ नज़दीक आ रही है, डॉक्टरों से आग्रह कर रही हैं कि उनके बच्चे को एक जुलाई तक पैदा होने से रोक दिया जाए. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की सरकार हर बच्चे की पैदाइश पर 500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का एक बोनस देती है जिसे पहली जुलाई के बाद से 3000 डॉलर किया जा रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि यह सरकार की इस वर्ष चुनाव में वोट जुटाने की एक चाल है. लेकिन यह बात सही है कि यह क़दम तेज़ी से लोकप्रिय होता जा रहा है. शहर के अलग-अलग अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास ऐसी महिलाओं की भीड़ लग रही है जो अपने बच्चे का जन्म टालना चाहती हैं. डॉक्टर ऐंड्रू चाइल्ड का कहना है कि कई वे महिलाएँ जिनका अगले हफ़्ते प्रसव हो सकता है, इसे दस दिन आगे बढ़ाना चाहती हैं और इससे बच्चे के स्वास्थ्य को ख़तरा पैदा हो सकता है. उनका कहना था कि अस्पताल में जुलाई के पहले दो दिन सीज़ेरियन ऑपरेशन से बच्चे पैदा कराने के लिए बड़ी तादाद में प्रार्थनापत्र आएँ हैं. डॉक्टर चाइल्ड ने सरकार से अनुरोध किया है कि नए बोनस के भुगतान की तारीख़ दो दिन पहले ले आई जाए. लेकिन सरकार कहती है कि उसका ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है. |
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