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शुक्रवार, 30 जनवरी, 2004 को 23:40 GMT तक के समाचार
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नानी ने निभाया माँ का रोल
शिशु
इस परिवार का परिचय गुप्त रखा गया है

भारत के गुजरात राज्य में एक महिला ने अपनी ही बेटी के बच्चों को जन्म दिया है.

इस महिला की बेटी ब्रिटेन में रहती है और वह माँ नहीं बन सकती थी क्योंकि जन्म से ही उसके शरीर में गर्भाशय नहीं था.

चिकित्सकों ने बेटी और दामाद के भ्रूण को तब इस महिला के गर्भ में विकसित किया.

 ब्रिटेन में डॉक्टरों ने उन्हें परखनली शिशु और दूसरे गर्भ का सुझाव दिया मगर वहाँ इसके लिए पैसे इतने लग रहे थे कि बेटी-दामाद भारत आए

डॉक्टर नयना पटेल

फिर 43 वर्षीया इस महिला ने अपनी बेटी के जुड़वाँ बच्चे और बच्ची को जन्म दिया.

ब्रिटेन में इस किस्म से दूसरी महिला के गर्भ में बच्चे का जन्म असामान्य बात नहीं है और यहाँ किराए पर भी गर्भ मिल जाता है जिसके लिए 4,000 से 10,000 पाउंड तक ख़र्च करने पड़ सकते हैं.

महिला की चिकित्सक डॉक्टर नयना पटेल ने बीबीसी को बताया,"ब्रिटेन में डॉक्टरों ने उन्हें परखनली शिशु और दूसरे गर्भ का सुझाव दिया मगर वहाँ इसके लिए पैसे इतने लग रहे थे कि बेटी-दामाद भारत आए".

भारत में भी उन्हें कृत्रिम गर्भ के लिए महिला नहीं मिल रही थी मगर तब महिला के दामाद की माँ यानी बेटी की सास ने ये सुझाव दिया कि इसके लिए उसकी माँ का सहयोग लिया जा सकता है क्योंकि उनकी उम्र 43 साल है.

सामाजिक भय

 उसे अपनी सोसायटी का थोड़ा डर था मगर उसके पति ने उसे काफ़ी समझाया और कहा कि उनकी बेटी की खुशी पहले है सोसायटी की चिंता बाद में

डॉक्टर नयना पटेल

ब्रिटेन में इस तरह का जन्म असामान्य नहीं है मगर भारत के समाज में इस तरह दूसरे गर्भ में बच्चे के जन्म को समाज में वैसी मान्यता नहीं प्राप्त है.

इसी कारण से इस महिला ने अपना परिचय गुप्त रखा है.

महिला ने एक अख़बार को बताया कि उसे इस बात से डर लगा था कि कहीं इस तरह अपनी बेटी के बच्चे को जन्म देने से उसकी दूसरी दो बेटियों की शादी में दिक़्क़त ना खड़ी हो जाए.

डॉक्टर नयना पटेल ने बताया कि तब उनके रिश्तेदार आगे आए और उन्होंने महिला को समझाया.

डॉक्टर पटेल ने कहा,"उसे अपनी सोसायटी का थोड़ा डर था मगर उसके पति ने उसे काफ़ी समझाया और कहा कि उनकी बेटी की खुशी पहले है सोसायटी की चिंता बाद में".

महिला की बेटी और दामाद अब अपने बच्चों को लेकर वापस ब्रिटेन आना चाहते हैं.

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