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सबसे ज़्यादा शरणार्थी पाकिस्तान में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में शरणार्थियों और विस्थापित लोगों की संख्या लगभग 18 प्रतिशत कम हुई है मगर दुनिया के सबसे ज़्यादा शरणार्थी पाकिस्तान में हैं. पाकिस्तान में लगभग 11 लाख शरणार्थी हैं जबकि उसके बाद ईरान, जर्मनी, तंज़ानिया और अमरीका का नंबर आता है. वैसे शरणार्थियों की संख्या पिछले एक दशक में सबसे कम के स्तर पर आ गई है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संस्था ने ये आँकड़े जारी किए हैं. उसके अनुसार ऐसा अथक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से संभव हुआ है जो लगातार उन लोगों की मदद कर रही है जिन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा है. इसके प्रमुख उदाहरण के रूप में अफ़ग़ानिस्तान को पेश किया जा रहा है जहाँ पिछले साल पाँच लाख से भी अधिक लोग घर लौटे. मगर वहीं दूसरी ओर सूडान के दारफ़ुर क्षेत्र में अब शरणार्थियों की नई समस्याएँ पैदा हो रही हैं. उच्चायोग लगभग एक करोड़ 71 लाख लोगों की इस जनसंख्या को 'चिंताजनक जनसंख्या' बताया है. इसमें शरण माँगने वालों से लेकर किसी वजह से घर छोड़ने पर मजबूर हुए लोग शामिल हैं. इन आँकड़ों के मुताबिक़ 97 लाख लोग ऐसे हैं जिन्होंने विदेश में शरण माँगी है और जिन्हें आधिकारिक तौर पर शरणार्थी कहा जाता है. ये आँकड़े पिछले साल लगभग 10 फ़ीसदी गिरे. अफ़ग़ान उम्मीदें संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त रूड लुबर्स ने कहा, "ये आँकड़े काफ़ी उत्साहवर्द्धक हैं." लुबर्स ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में लगभग 50 लाख लोग या तो वापस घर जाने में सफल हुए या जीवन नए सिरे से शुरू करने में क़ामयाब हुए." उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में जिस तरह से लोग वापस लौट रहे हैं वह अभूतपूर्व है. पिछले साल जो लगभग 11 लाख लोग देश वापस लौटे उनमें से आधे तो अफ़ग़ानिस्तान के थे. इसके अलावा लोग अंगोला, बुरुंडी और इराक़ भी लौटे हैं. इन सबके बीच अफ़ग़ानिस्तान अब भी ऐसा सबसे बड़ा देश है जहाँ से शरणार्थी दूसरे देशों में जगह तलाश कर रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान के लगभग 21 लाख लोग 74 देशों में जगह तलाश कर रहे हैं. |
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