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संयुक्त राष्ट्र कार्यकर्ता वापस बुलाए गए
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों की संस्था यूएनएचसीआर अपने कार्यकर्ताओं को दक्षिणी और पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान से वापस बुला रही है. ये घोषणा देश के पूर्वी शहर ग़ज़नी में यूएनएचसीआर की एक फ्राँसीसी कार्यकर्ता की हत्या को देखते हुए की गई है. फ्राँस की उस 29 वर्षीय बेत्तिना गोइस्लार्ड की हत्या के बारे में परस्पर विरोधी ख़बरें आ रहीं हैं. फ़िलहाल तो ये माना जा रहा है कि उनकी हत्या करने वाले तालेबान के सदस्य थे.
अफ़ग़ानिस्तान में सभी हिंसक घटनाओं के लिए आमतौर पर वहाँ के चरमपंथी आंदोलनों को ज़िम्मेदार माना जाता है. असुरक्षित माहौल गोइस्लार्ड 2001 के बाद अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों का निशाना बनी संयुक्त राष्ट्र की पहली विदेशी कार्यकर्ता थीं. ग़ौरतलब है कि वर्ष 2001 में अमरीका के नेतृत्व वाली फ़ौजों ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला कर वहाँ की राजधानी काबुल से तालेबान को खदेड़ा था. संयुक्त राष्ट्र को इस बात का डर है कि हो सकता है वहाँ आनेवाले समय में और भी विदेशी कार्यकर्ताओं की हत्या हो जाए. इसी बात को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वहाँ काम कर रहे 30 विदेशी कार्यकर्ताओं को वापस बुलाने का फ़ैसला किया. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फ़िलिप्पो ग्रैंडी ने बताया,"ये एक अस्थाई निर्णय है. हमलोग फ़िलहाल अगले दो हफ़्तों तक हालात का मुआयना करेंगे." बीबीसी के काबुल संवाददाता ने बताया कि पाकिस्तान से लौटने वाले अफ़गानी शरणार्थियों को संयुक्त राष्ट्र के इस कदम से काफ़ी दिक्कतें आ सकतीं हैं. पिछले मंगलवार को कंधार में संयुक्त राष्ट्र के दफ़्तर के सामने एक कार बम से धमाका किया गया. अफ़ग़ानिस्तान में असुरक्षित माहौल को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के कार्यकर्ताओं को फ़िलहाल कमरों में बंद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं. |
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