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मंगलवार, 17 फ़रवरी, 2004 को 17:00 GMT तक के समाचार
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शरण चाहने वाले 26 हज़ार लोग लौटेंगे
शरण चाहने वाले
कई लोग तो बरसों से वहाँ रहते आ रहे हैं
नीदरलैंड की संसद ने एक विवादास्पद क़ानून पारित कर दिया है जिसके तहत वहाँ शरण चाहने वाले हज़ारों लोगों को वापस भेजा जा सकेगा.

इसके तहत कुल छब्बीस हज़ार लोगों को देश से निकाल दिया जाएगा और इनमें से कई तो ऐसे हैं जो सपरिवार वहाँ बरसों से बसे हुए हैं.

सरकार का समर्थन प्राप्त इस प्रस्ताव ने देश में जनमत को दो हिस्सों में बाँट दिया था.

शरण चाहने वाले ऐसे ही एक व्यक्ति ने विरोध के तहत अपनी आँखें और होंठ ही सी लिए थे.

इस प्रस्ताव के तहत वे सब लोग आते हैं जो पहली अप्रैल, 2001 से पहले नीदरलैंड पहुँचे थे.

शरण माँगने वाला व्यक्ति
शरण माँगने वाले एक व्यक्ति ने अपनी आँखें और होंठ सी लिए थे

लगभग 2300 लोगों के मामलों पर गंभीरता से विचार हो रहा है और उन्हें रहने की अनुमति दे दी गई है जबकि 26 हज़ार को अगले तीन साल में देश से चले जाने को कह दिया गया है.

सरकार की इस नीति से जुड़े प्रस्ताव को संसद में 57 के मुक़ाबले 83 वोटों से पारित कर दिया गया.

इस मामले में नरमी बरतने की कई योजनाओं को ख़ारिज कर दिया गया.

न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार गुट ह्यूमैन राइट्स वॉच ने इस क़ानून की आलोचना की है.

उनका कहना है कि इसके तहत शरण माँगने वालों को, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, अफ़ग़ानिस्तान, सोमालिया और चेचन्या जैसी असुरक्षित जगहों पर भेजना अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के ख़िलाफ़ है.

लेकिन सरकार ने इसकी ज़ोरदार हिमायत करते हुए कहा है कि किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं भेजा जाएगा जिसे ख़तरे का सामना करना पड़े.

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