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'पाकिस्तान के प्रति नीति नहीं बदलेगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विदेश मंत्री नटवर सिंह ने लंदन में कहा है कि पाकिस्तान के प्रति भारत की नीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा. लंदन में भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह और ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ की बैठक हुई है. बैठक के बाद दोनों ने एक साझा संवाददाता सम्मेलन को संबोधित भी किया जिसमें भारत पाक मामलों के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा हुई. नटवर सिंह ने स्पष्ट किया कि न तो पाकिस्तान के प्रति रवैए में नरमी आएगी और न ही किसी तरह की सख्ती ही होगी. उन्होंने मीडिया में छपी उन रिपोर्टों को सरासर ग़लत बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा मान लेने पर सहमति हो गई है. उन्होंने कहा, "ऐसा कोई सवाल नहीं आया है, जब दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत होगी उसके बाद ही ऐसे किसी विषय पर विचार हो सकता है, अभी ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही, जिन्होंने भी यह रिपोर्ट दी है, ग़लत दी है." नटवर सिंह ने साथ ही स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह की बातचीत शिमला समझौते, लाहौर घोषणापत्र और इस साल जनवरी में दोनों सरकारों के बीच हुई बातचीत के आधार पर ही की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में होने वाली उनकी चीन यात्रा के दौरान उनकी पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बातचीत भी हो सकती है. भारत-ब्रिटेन ज़ाहिर है, जब भारत और ब्रिटेन के विदेश मंत्री आमने-सामने हों तो इराक पर सवाल उठना एक तरह से तय ही था. लेकिन ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा कि उन्होंने जानबूझ कर इराक़ के विषय को नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि सेना भेजने के विषय पर इसलिए चर्चा नहीं हुई क्योंकि इस विषय पर वे भारत की विभिन्न पार्टियों के रुख से अच्छी तरह से अवगत हैं. हालाँकि जब यही सवाल भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह के सामने रखा गया तो उन्होंने साफ स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभी इराक़ में सेना भेजने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "मैं दोहराता हूँ इराक़ में भारत की सेना भेजने का सवाल ही नहीं उठता." साथ ही, भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा कि इस विषय पर जो मत है वो सर्वसम्मति से बना है और इस पर संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है. और आगे भी इराक़ पर जो भी फैसला होगा वो सर्वसम्मति से ही होगा. इसके अलावा आज दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को और मज़बूत करने की बात कही गई. आने वाले दिनों में ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री जॉन प्रेसकॉट भारत की यात्रा पर भी जाएँगे. |
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