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अंतरिम सरकार को सद्र का सशर्त समर्थन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के कट्टरपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल-सद्र ने पहली बार देश की अंतरिम सरकार को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. लेकिन यह समर्थन सशर्त है. कुफ़ा में ज़ुम्मे की नमाज के बाद अपने भाषण में सद्र ने कहा कि अंतरिम सरकार को अमरीकी अगुआई वाली सेना को समयबद्ध तरीके से देश से निकालने की योजना बनानी चाहिए. इससे पहले वह अंतरिम सरकार को अमरीका की कठपुतली बताते रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सद्र का बदला सुर इन संकेतों के बीच सामने आया है कि अंतरिम सरकार उनके संगठन और अन्य कट्टरपंथी गुटों के राजनीतिक प्रक्रिया से बाहर रखने के अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर के प्रस्ताव पर ध्यान नहीं देगी. इराक़ में अमरीकी प्रशासन उन पर एक सद्दाम सरकार के ख़ात्मे के बाद के दिनों में नरमपंथी शिया नेता अब्दुल मजीद अलखोई की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाता है. हमला रोकने की अपील सद्र ने अपने समर्थकों ने नजफ़ में इराक़ी सुरक्षा बलों पर हमला नहीं करने को भी कहा है. लेकिन लगता है उनका संदेश पास के नजफ़ शहर तक नहीं पहुँचा. शुक्रवार को भी नजफ़ के पास सद्र समर्थक लड़ाकों और अमरीका समर्थक सुरक्षा बलों की भिड़ंत हुई. इमाम अली की मजार के पास हुई झड़प में कई लोग घायल हो गए और ज़ुम्मे की नमाज रद्द करनी पड़ी. सद्र समर्थक बुधवार और गुरुवार को भी नजफ़ में इराक़ी पुलिस से भिड़े थे. इन भिड़ंतों में कम से कम छह लोग मारे गए. |
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