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इराक़ प्रस्ताव में संशोधन की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन और अन्य देशों ने नई इराक़ सरकार बनाने के अमरीका और ब्रिटेन के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव में संशोधन करने की पेशकश की है. प्रस्ताव में जून के अंत तक इराक़ियों को सत्ता हस्तांतरण के बाद वहाँ की राजनीतिक व्यवस्था के बारे उल्लेख किया गया है. लेकिन प्रस्ताव में बदलाव चाहने वाले देश मानते हैं कि इसमें ये प्रावधान हो कि गठबंधन सेनाएँ आत्मरक्षा के अलावा किसी भी सैनिक कार्रवाई के लिए अंतरिम इराक़ी सरकार से अनुमति लें. इस चीनी पेशकश का रूस, फ़्रांस और जर्मनी भी समर्थन कर रहे हैं. इस संशोधन के अनुसार इराक़ की सेना और पुलिस बल पर अंतरिम सरकार का नियंत्रण होना चाहिए. इनमें से किसी भी मुद्दे का अमरीका और ब्रिटेन के प्रस्ताव के मसौदे में ज़िक्र नहीं है. इस विषय पर गुरुवार को न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद में आगे चर्चा होगी. संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत वांग गुआंग्या ने कहा कि प्रस्ताव पर वोट से पहले नई इराक़ी सरकार में भाग लेने वाले इराक़ियों से भी सलाह ली जानी चाहिए. बीबीसी संवाददाता के अनुसार संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का मकसद इराक़ में भावी राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति प्रदान करना है. |
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