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शेरॉन के प्रस्ताव के समर्थन में रैली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल की राजधानी तेल अवीव में एक लाख से ज़्यादा लोगों ने एक रैली में भाग लिया है. वे ग़ज़ा से इसराइली सैनिकों की वापसी के समर्थन में जमा हुए थे. हाल के वर्षों में यह इसराइल में इस तरह की सबसे बड़ी रैली है. रैली पिछले सप्ताह भर के दौरान हिंसा में 13 इसराइली सैनिकों के मारे जाने के बाद आयोजित की गई थी. शांतिवादी संगठनों के एक गुट ने इसका आयोजन किया था. शनिवार को हुई रैली के आयोजकों ने कहा कि इस व्यापक प्रदर्शन का लक्ष्य था सरकार पर ग़ज़ा से वापसी के प्रस्ताव पर क़दम उठाने के लिए दबाव डालना. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने ग़ज़ा से इसराइली सैनिकों की वापसी का प्रस्ताव रखा था, जबकि उनकी लिकुद पार्टी ने इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ मत दिया है. शेरॉन ने प्रस्ताव किया था कि ग़ज़ा से इसराइली सैनिकों की वापसी होगी, लेकिन पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों पर इसराइली क़ब्ज़ा बना रहेगा. अलविदा ग़ज़ा रैली को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शिमोन पेरेज़ ने कहा कि फ़लस्तीनियों के साथ बातचीत संभव है. उन्होंने कहा कि अधिकतर इसराइली ऐसी सरकार के पक्ष में हैं जो शांति का रास्ता चुने. पेरेज़ ने कहा, "हम ग़ज़ा को अलविदा कह देंगे." इस बीच इसराइल की एक अदालत ने ग़ज़ा पट्टी में घरों को ढहाए जाने की इसराइली कार्रवाई पर अस्थायी रोक का आदेश दिया है. |
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