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इसराइली कार्रवाई से ग़ज़ा में 1100 बेघर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग़ज़ा में इस महीने हुई इसराइल की सैनिक कार्रवाई ने क़रीब 1100 फ़लस्तीनियों को बेघर कर दिया है. फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का कहना है कि इसराइल की सैनिक कार्रवाई के दौरान क़रीब 130 घरों को नष्ट कर दिया गया. एजेंसी का कहना है कि इस महीने ग़ज़ा में इसराइल की कार्रवाई पिछले कई सालों की सबसे भीषण कार्रवाई है. एक सप्ताह पहले ग़ज़ा में एक यहूदी और उसकी चार बेटियों की हत्या के बाद इसराइल की कार्रवाई और तेज़ हुई है. लेकिन इसराइल ने संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी के आँकड़ों को सच्चाई से परे बताया है. एक सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि उन्हीं इमारतों को ध्वस्त किया गया है जिनके बारे में पुख़्ता जानकारी थी कि इनका इस्तेमाल चरमपंथी कर रहे हैं. सिर्फ़ इस सोमवार को इसराइली सैनिकों ने एक यहूदी व्यक्ति और उसकी चार बेटियों की हत्या के बाद फ़लस्तीनी लोगों के 13 घरों को ध्वस्त कर दिया. संयुक्त राष्ट्र फ़लस्तीनी शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख पीटर हैंसेन ने यहूदी व्यक्ति की हत्या की आलोचना की है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए सामूहिक तौर पर फ़लस्तीनियों को दोषी मान लेना ठीक नहीं. जब कभी भी इसराइली ठिकानों पर चरमपंथी हमले होते हैं इसराइली सैनिक फ़लस्तीनी ठिकानों पर अपना ग़ुस्सा निकालते हैं जिनमें निर्दोष लोगों का घर-बार भी तबाह हो जाता है. |
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