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रोडमैप को समर्थन के साथ बैठक समाप्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व में शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से बुलाई गई एक उच्चस्तरीय बैठक में इसराइली और फ़लस्तीनियों से शांति के लिए किए गए वायदों को पूरा करने की अपील की गई. बैठक इस इरादे के साथ समाप्त हुई कि मध्य पूर्व संकट का समाधान दो राष्ट्रों के गठन से ही हो सकता है. मध्य पूर्व के लिए प्रस्तावित शांति योजना रोड मैप को नया जीवन देने के लिए संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, रूस, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस दिशा में ठोस प्रयास करने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की गई. बैठक में अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल,रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव और यूरोपीय संघ के अधिकारी हिस्सा लेने आए. यूरोपीय संघ की ओर से बैठक में हाविय सोलाना, क्रिस पैटन और आयरलैंड के विदेश मंत्री ब्रायन कोवेन ने हिस्सा लिया. अभी आयरलैंड ही यूरोपीय संघ का अध्यक्ष है. अपील संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इसराइल और फ़लस्तीनियों से कहा कि दोनों ही पक्ष शांति प्रक्रिया के प्रति किए गए अपने वायदों को पूरा करें. उन्होंने कहा कि बैठक में आए सभी प्रतिनिधियों ने मध्य पूर्व संकट पर बड़ी गंभीरता से विचार किया. कोफ़ी अन्नान से फ़लस्तीनी अधिकारियों से चरमपंथियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए कहा. साथ ही उन्होंने इसराइलियों से ये अपील की कि वे इस बात का पूरा ख़याल रखें कि आम लोगों को कोई नुक़सान न पहुँचे. ये बैठक जॉर्ज बुश के अरियल शेरॉन की योजना को सहमति देने की घोषणा के बाद हुई. शेरॉन की योजना को बुश का समर्थन मिलने के बाद रोडमैप के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया था. इस विवादित योजना के तहत गज़ा पट्टी से सभी यहूदी बस्तियों को हटाने और पश्चिमी तट में सभी बस्तियों को बनाए रखने का प्रस्ताव किया गया था. |
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