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'अमरीकी सैनिक हटें, तभी संघर्षविराम' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में फ़लूजा के सुन्नी लड़ाकों ने कहा है कि वे संघर्ष रोककर बातचीत के लिए तभी तैयार हो सकते हैं जब अमरीकी सैनिक शहर से हट जाएँ. इराक़ी शासकीय परिषद के सदस्यों ने शनिवार को फ़लूजा के स्थानीय नेताओं के मुलाक़ात की और संघर्षविराम का अमरीकी प्रस्ताव रखा. दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए कोशिश कर रहे एक इराक़ी मध्यस्थ ने बताया कि अगर अमरीकी सैनिक फ़लूजा में बने रहे तो युद्धविराम लागू करना मुश्किल होगा. इससे पहले इराक़ स्थित एक अमरीकी सैनिक कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मार्क किमिट ने कहा था कि अगर फ़लूजा में सुन्नी लड़ाके सकारात्मक जवाब दें तो वे कार्रवाई रोकने के लिए तैयार हैं. फ़लूजा में सुन्नी नेताओं से बात करने गए लोगों की टीम में परिषद के दो सदस्य, कई मौलवी और बग़दाद के कई नेता शामिल थे. इराक़ी शासकीय परिषद के सदस्य इस बात से नाराज़ हैं कि फ़लूजा में अमरीकी सैनिक कार्रवाई से पहले उनसे राय नहीं ली गई. इससे पहले अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा ने ख़बर दी है कि जापानी लोगों को बंधक बनाए इराक़ी लड़ाकों का कहना है कि अगले 24 घंटे के अंदर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. संघर्ष फ़लूजा में पिछले छह दिनों से चल रही हिंसा में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की ख़बर है. हिंसा के कारण वहाँ से बहुत से लोग दूसरे स्थानों को जा रहे हैं.
अमरीका ने भी स्वीकार किया है कि इराक़ में रविवार से चल रही हिंसा में कम से कम 42 सैनिक मारे गए हैं. राजधानी बग़दाद के उत्तर में स्थित बक़ूबा शहर में भी अमरीकी सैनिकों और विद्रोहियों के बीच संघर्ष की ख़बरें हैं. यहाँ इराक़ी पुलिस स्टेशन, गवर्नर के कार्यालय और अमरीकी सैनिकों के एक कार्यालय पर रॉकेट से गोले दाग़े गए. अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने कहा है कि यहाँ क़रीब 40 इराक़ी मारे गए हैं. राजधानी बग़दाद में भी अमरीकी सैनिकों पर हमले की ख़बरें आ रही हैं. मुश्किलें अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने भी स्वीकार किया है कि इराक़ में सुन्नी और शिया लड़ाकों से निपटने में अमरीकी सैनिकों को मुश्किलें पेश आ रही हैं.
उन्होंने कहा कि इन लड़ाकों के बारे में अमरीकी सैनिकों का आकलन ग़लत निकला और वे ज़्यादा मज़बूत निकले. लेकिन पॉवेल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इराक़ियों को जून के आख़िर तक सत्ता सौंपने की योजना क़ायम रहेगी. इस बीच यह ख़बर भी आई है कि एक अमरीकी व्यक्ति को चरमपंथियों ने बंधक बना लिया है. ऑस्ट्रेलियाई टीवी ने एक अमरीकी व्यक्ति की तस्वीर दिखाई है जिसे फ़लूजा शहर के बाहर लड़ाकों ने बंधक बना लिया था. अमरीकी बंधक ने अपना नाम थॉमस हामिल बताया है. टीवी पर उसे नक़ाबपोश लड़ाकों द्वारा ले जाते दिखाया गया. इसके अलावा दो जर्मन सुरक्षा अधिकारी के लापता होने की भी ख़बर है. ये लोग जॉर्डन से बग़दाद स्थित जर्मन दूतावास की ओर जा रहे थे. दौरा इराक़ में चल रही हिंसा के बीच इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने दक्षिणी इराक़ी शहर नसीरिया का दौरा किया.
उन्होंने यहाँ इटली के सैनिकों से मुलाक़ात की. पिछले कुछ दिनों से इटली के सैनिक भी शिया लड़ाकों के साथ चल रही हिंसा में शामिल थे. शुक्रवार को प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी ने अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से टेलीफ़ोन पर बात की. बर्लुस्कोनी ने राष्ट्रपति बुश को भरोसा दिलाया कि हिंसा के बावजूद इटली के क़रीब तीन हज़ार सैनिक वहाँ बने रहेंगे. |
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