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जापान ने कहा सैनिक वापस नहीं आएँगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान ने कहा है कि वह इराक़ में बंधक बनाए गए तीन जापानी नागरिकों को मार डालने की धमकी के बावजूद इराक़ से अपनी सेना वापस नहीं बुलाएगा. इराक़ में अमरीकी गठजोड़ का विरोध करनेवाले विद्रोहियों ने जापान के तीन नागरिकों को बंधक बना लिया है और ये माँग की है कि जापान इराक़ से अपनी सेना वापस बुला ले. उन्होंने कहा है कि अगर तीन दिन के भीतर वापसी का फ़ैसला नहीं किया गया तो बंधकों को मार डाला जाएगा. इस हालात पर विचार के लिए शुक्रवार को जापान के प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी ने अपने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई. उन्होंने बैठक के बाद कहा कि सबसे ज़रूरी बात ये है कि बंधकों की सुरक्षा पक्की की जाए और उन्हें छुड़ाया जाए. दक्षिण कोरिया सैनिक भेजेगा इस बीच दक्षिण कोरिया ने अपने नागरिकों को इराक़ नहीं जाने की चेतावनी दी है. ये चेतावनी दक्षिण कोरिया के सात सहायताकर्मियों के बंधक बनाए जाने की घटना के बाद जारी की गई. इन सभी लोगों को बाद में बिना कोई नुक़सान पहुँचाए छोड़ दिया गया था. मगर दक्षिण कोरिया की सरकार ने कहा है कि वह अपने 3,600 सैनिकों को इराक़ भेजने के इरादे से पीछे नहीं हटेगी. दक्षिण कोरियाई सेना की एक टीम शुक्रवार को मुआयने के लिए इराक़ जा रही है. इराक़ी विद्रोहियों ने तीन जापानी नागरिकों के अलावा तीन अरब लोगों को भी बंधक बनाया हुआ है. इनमें एक कनाडा का नागरिक है जिसका जन्म सीरिया में हुआ और दो बंधक फ़लस्तीनी नागरिक हैं. |
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