BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 01 अप्रैल, 2004 को 14:06 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
हमले माफ़ करने लायक नहीं- पॉल ब्रेमर
फ़लूजा में प्रदर्शनकारी
फ़लूजा में विदेशी ठेकेदारों को कार में जलाकर मारा गया और उनके शव पुल पर लटकाए गए
इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने फलूजा में चार अमरीकी ठेकेदारों की हत्या की निंदा की है.

बुधवार को इन लोगों को उनकी कार से घसीटकर मारा गया और उनके शव के टुकड़े कर दिए गए.

इराक़ के पुलिस अकादमी में पॉल ब्रेमर ने कहा कि ये हमले घृणित और माफ़ करने लायक नहीं हैं.

सुरक्षा को लेकर पैदा हुई नई चिंता के कारण इराक़ में सोमवार से शुरू होनेवाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले को स्थगित कर दिया गया है.

बुधवार को ही बग़दाद के पश्चिम में पाँच अमरीकी सैनिकों की भी हत्या कर दी गई थी.

पॉल ब्रेमर ने कहा कि चारों ठेकेदारों और पाँचों फौजियों के हत्यारों को नहीं बख़्शा जाएगा.

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से इराक़ में स्थिरता और लोकतंत्र की स्थापना के प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

संदेश

फ़लूजा सद्दाम हुसैन का समर्थक शहर माना जाता रहा है और वहाँ अमरीकी क़ब्ज़े का ज़ोरदार विरोध होता रहा है.

पिछले 10 दिनों से अमरीकी मरीन सैनिकों ने वहाँ चरमपंथियों के ख़िलाफ़ नया अभियान शुरू किया है जिसमें कई लोग मारे गए और उनमें अधिकतर इराक़ी हैं.

ताज़ा आँकड़ों के अनुसार मार्च महीने में अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के कम-से-कम 50 सैनिक मारे गए.

पिछले साल मई में लड़ाई के ख़त्म होने के अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के एलान के बाद से किसी महीने में गठबंधन सैनिकों के मारे जाने की ये दूसरी सबसे बड़ी संख्या है.

वैसे अमरीकी अधिकारी ये कहते रहे हैं कि इराक़ में जारी हिंसा के पीछे ऐसे इराक़ी चरमपंथियों का हाथ है जिनकी संख्या बहुत कम है.

उनका कहना है कि साथ ही इसमें कुछ विदेशी छापामार भी मिले हुए हैं.

मगर फ़लूजा में विदेशी ठेकेदारों की हत्या के बाद नारे लगाते जुटी भीड़ से तो यही संदेश जाता है कि ऐसे हमलों को भारी समर्थन प्राप्त है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>