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फ़लूजा में विदेशी ठेकेदारों की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के फ़लूजा शहर में चार अमरीकी ठेकेदारों की हत्या कर दी गई है और उनके शवों के टुकड़े कर एक पुल पर लटका दिए गए. पहले इन लोगों को गोलियों से मारा गया और इसके बाद उन्हें उनकी कारों में ही जला दिया गया. अमरीका ने इन घटनाओं की निंदा की है और कहा है कि ऐसी हरकतों से अमरीका इराक़ में लोकतंत्र स्थापित करने के अपने निश्चय से पीछे नहीं हटेगा. अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रवक्ता ने 'आतंकवादियों' और पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के समर्थकों को इसके लिए दोषी ठहराया. अमरीका का विरोध समाचार हैं कि नाराज़ स्थानीय इराक़ी लोगों ने इन शवों पर फ़ावड़ों से प्रहार किया और उन पर पत्थर बरसाए. इन लोगों ने अमरीका विरोधी नारे भी लगाए. एक अमरीकी अधिकारी, ब्रिगेडियर जनरल मार्क किम्मिट ने कहा है कि मारे गए सभी लोग ठेकेदार थे और वे अमरीका के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए काम कर रहे थे. मगर अधिकारी ने ये नहीं बताया कि ये चारों विदेशी कौन थे और वे फ़लूजा में क्या कर रहे थे. अधिकारियों के अनुसार मारे गए चार लोगों में से तीन अमरीकी नागरिक थे. जनरल किम्मिट ने कहा कि फ़लूजा में हुई इस घटना के पीछे एक छोटे समूह का हाथ है जो बिल्कुल हताश हो चुका है और उसकी संख्या काफ़ी कम है. इसके अलावा एक अन्य घटना में बग़दाद के पश्चिम में अल अनबार नामक जगह पर बम विस्फोट में पाँच अमरीकी सैनिक मारे गए. |
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