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फ्रांसीसी वकील लड़ेगा सद्दाम का केस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की विवादित हस्तियों की तरफ़ से मुक़दमे लड़ने के लिए चर्चित रहे फ्रांस के एक वकील अब इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का भी मुक़दमा लड़ेंगे. याक वर्गीज़ नाम के यह वकील नाज़ी युद्धापराध के अभियुक्त क्लॉज़ बार्बी, कार्लोस द जैकाल और यूगोस्लाविया के पूर्व नेता स्लोबादान मिलोसेविच के भी मुक़दमे लड़ चुके हैं. याक वर्गीज़ ने अब ने कहा है कि सद्दाम हुसैन के एक रिश्तेदार अली बरज़ान अल तिकरिती ने एक पत्र में सद्दाम हुसैन का बचाव करने का अनुरोध किया है. याक वर्गीज़ का कहना है कि वह इराक़ के पूर्व उपप्रधानमंत्री तारिक़ अज़ीज़ का भी मुक़दमा लड़ेंगे. इस मुक़दमें में अनेक वकील याक वर्गीज़ की सहायता करेंगे. तिकरिती की तरफ़ से याक वर्गीज़ को भेजे गए पत्र में कहा गया है, "मैं सद्दाम हुसैन के भतीजे के तौर पर इस पत्र के ज़रिए आपको मेरे चाचा का बचाव करने के लिए अधिकृत करता हूँ." अभी यह साफ़ नहीं है कि सद्दाम हुसैन पर किस तरह का मुक़दमा चलाया जाएगा और असल में क्या आरोप लगाए जाएंगे. लेकिन बीबीसी संवाददाता कैथरिन वेस्कॉट का कहना है कि यह लगभग तय है कि उन पर इराक़ में ही मुक़दमा चलाया जाएगा. इराक़ में अमरीका की नियुक्त की हुई अंतरिम शासकीय परिषद एक युद्धापराध न्यायाधिकरण का गठन कर रही है जिसमें सद्दाम हुसैन पर नरसंहार और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए मुक़दमा चलाया जाएगा. सद्दाम हुसैन को पिछले साल दिसंबर में तिकरित से पकड़ने के बाद किसी अज्ञात स्थान पर रखा हुआ है और उनके बारे में या उनकी तरफ़ से कोई ख़बर नहीं मिल रही है. गत फ़रवरी में रेडक्रॉस ने सद्दाम हुसैन से मुलाक़ात की थी. वकील और मुवक्किल याक वर्गीज़ के क़रीब पचास साल के वकील जीवन पर नज़र डालें तो किसी को यह जानकर हैरानी नहीं हुई है कि वे सद्दाम हुसैन का मुक़दमा लड़ेंगे.
वे वकालत के अपने पेशे के दौरान हमेशा ही विवादास्पद हस्तियों के मुक़दमे लड़ते रहे हैं. याक वर्गीज़ की उम्र अब 79 साल हो चुकी है और उनका जन्म थाइलैंड में हुआ था. उनके पिता एक फ्रांसीसी और माता वियतमानी थीं. याक वर्गीज़ की परवरिश हिंद महासागर में फ्रांसीसी उपनिवेश ला रीयूनियन में हुई और संवाददाताओं का कहना है कि वहीं उनमें उपनिवेशवाद विरोधी विचारों ने न सिर्फ़ जन्म लिया बल्कि मज़बूती भी हासिल की. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान याक वर्गीज़ ने फ्रांस के जनरल चार्ल्स दी गॉल की सेना में शामिल हो गए लेकिन बाद में वह साम्यवादी बन गए. अल्जीरिया के स्वाधीनता आंदोलन के दौरान याक वर्गीज़ ने ऐसे अल्जारियाइयों के बचाव में मुक़दमे लड़े जिन पर फ्रांस के ख़िलाफ़ चरमपंथी गतिविधियों के आरोप लगे थे. याक वर्गीज़ ने उन्हीं में से एक मुवक्किल से शादी कर ली. 1970 के समय में याक वर्गीज़ वामपंथी और दक्षिणपंथी दोनों ही विचारधाराओं के चरमपंथियों के प्रिय बन गए. उन्होंने फ़लस्तीनी आंदोलन की भी हिमायत की है. |
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