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व्हाइट हाउस दबाव में झुका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
व्हाइट हाउस ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस को 11 सितंबर के हमले की जाँच कर रहे आयोग की खुली सुनवाई में भाग लेने की अनुमति दे दी है. अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि इस क़दम से अमरीकी जनता के सामने 11 सितंबर के हमले से पहले की स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी. इससे पहले बुश प्रशासन इस बात पर ज़ोर दे रहा था कि राइस आयोग के समक्ष पूर्ण सुनवाई के लिए पेश होने के बजाय बंद कमरे में बातचीत भर के लिए उपलब्ध होंगी. बुश और राइस दोनों यह तर्क दे रहे थे कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की खुली पेशी अधिकारों के विभाजन के संवैधानिक प्रावधानों के ख़िलाफ़ होगा. जाँच आयोग के समक्ष राइस की खुली पेशी का प्रस्ताव इस शर्त के साथ आया है कि भविष्य में इस क़दम को किसी परंपरा के रूप में नहीं देखा जाएगा. आयोग को लिखे पत्र में व्हाइट हाउस के वकील अलबर्तो गोंज़ालेज़ ने कहा कि राष्ट्रपति बुश जाँच आयोग के अभूतपूर्व काम और असाधारण परिस्थितियों को समझते हैं. उन्होंने राइस की पेशी की कोई तारीख़ तो नहीं बताई लेकिन कहा कि जल्दी ही ऐसा किया जाएगा. वाशिंग्टन से बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब के अनुसार बुश प्रशासन का ताज़ा क़दम 'यू-टर्न' के समान है. पिछले सप्ताह आयोग के समक्ष बुश के एक पूर्व सुरक्षा सलाहकार रिचर्ड क्लार्क ने आरोप लगाया था कि बुश प्रशासन ने इराक़ पर ध्यान लगाए रखने के कारण आतंकवादी ख़तरे की अनदेखी की. |
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