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आतंकवाद के मामले पर सहमति बनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हुए भीषण ट्रेन बम हमलों के बाद यूरोपीय संघ के नेता अब आतंकवाद से संयुक्त रूप से लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं. बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में शुरू हुई एक बैठक में संघ के नेताओं ने आंतकवाद के ख़िलाफ़ साझा प्रयासों के लिए समझौते किए. उन्होंने आंतकवाद विरोधी कार्यक्रमों के लिए संयुक्त रूप से एक संयोजक नियुक्त किया है. नीदरलैंड्स के पूर्व मंत्री गीस द वेरीस को इस काम के लिए चुना गया. इस बैठक में मौजूद बीबीसी के विश्व मामलों के संवाददाता माइक वुलरिज का कहना है कि मैड्रिड में हुआ हमला इस बैठक पर बुरी तरह से हावी था. इस बात पर फ़ौरन सहमति हो गई कि गुप्तचर सूचनाएँ बाँटी जाएँ, किसी हमले के बाद एक दूसरे की सहायता की जाए और ऐसे कई और क़दम उठाए जाएँ जो प्रजातंत्र और यूरोपीय जीवन शैली की रक्षा के लिए ज़रूरी हैं. संघ के अध्यक्ष और आयरलैंड के प्रधानमंत्री बर्टी अहर्न ने कहा, "मैड्रिड के बाद ज़रूरी है कि हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई की तैयारी का आकलन करें और काम को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक सहयोग भी मिले. यूरोप की जनता हमसे इससे कम की अपेक्षा भी नहीं करती है." सहयोग बढ़ाने के लिए हो रही इस बैठक में पूरा ज़ोर वहीं है जहाँ उसकी कमी है. बीबीसी संवाददाता विलियम हॉर्सली का कहना है कि कई यूरोपीय देश एक संयुक्त अरेस्ट वॉरेंट प्रणाली के लक्ष्य को भी पूरा नहीं कर सके हैं. इसके अलावा, यूरोप में आंतकवाद की जड़ से निबटने के बारे में भी मतभेद हैं. और यही एक रोड़ा है संयुक्त यूरोपीय विदेश नीति की राह में भी. |
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