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इराक़ पर हमले को एक साल हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और ब्रिटेन के नेतृत्व वाली सेनाओं ने इराक़ पर बीस मार्च के तड़के हमला शुरू किया था जिसे शनिवार को एक साल पूरा हो गया. इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं जिनमें हज़ारों लोगों ने भाग लिया है. इराक़ पर हमले को एक साल पूरा होने के मौक़े पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है. दिन में ब्रिटेन, इटली और स्पेन में विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है. ग़ौरतलब है कि ये देश इराक़ पर हमले में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा रहे हैं. अकेले अमरीका में क़रीब ढाई सौ अलग-अलग रैलियाँ निकालने की योजना है. ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड की इस बात के लिए आलोचना की गई है कि उन्होंने इराक़ पर हमले में भाग लेने के लिए अपने सैनिक भेजकर और अमरीका का समर्थन करके ग़लत काम किया. राष्ट्रपति बुश इस अवसर पर कह चुके हैं कि सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने के बाद मध्य पूर्व में हिंसा और अस्थिरता की एक मुख्य जड़ को उखाड़ दिया गया है. उन्होंने तमाम देशों से अनुरोध किया है कि वे आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुटता दिखाएं. |
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