|
हमले का फ़ैसला बिल्कुल सहीः बुश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा है कि अमरीका ने इराक़ पर हमला कर बिल्कुल सही काम किया. दक्षिण कैरोलिना में उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन के पास भारी तबाही वाले हथियार बनाने की तकनीक थी और वे इसका इस्तेमाल भी कर सकते थे. उन्होंने कहा,"उस समय मेरे पास जो जानकारी थी और आज जो मुझे पता है उससे मैं यही कह सकता हूँ कि अमरीका ने इराक़ में सही काम किया". दबाव नहीं उधर अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉर्ज टेनेट ने इस बात से इनकार किया है कि अमरीकी एजेंसी पर इस बात के लिए दबाव था कि वह इराक़ के संबंध में बढ़ा-चढ़ाकर जानकारियाँ दे. अमरीका के पूर्व हथियार निरीक्षक डेविड के ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि इराक़ के संबंध में गुप्तचर एजेंसियाँ ग़लत रहीं. उनके आरोप के बाद पहली बार सीआईए प्रमुख ने इस बारे में कोई बयान दिया है. जॉर्ज टेनेट ने कहा कि उनकी एजेंसी ने कभी ये दावा नहीं किया कि इराक़ से तुरंत ख़तरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन के पास हथियार नहीं थे मगर वह अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर शुरू करने की योजना बना रहे थे. ब्लेयर पर दबाव इससे पहले ब्रिटेन में प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को अपनी सरकार के इस दावे को लेकर दबाव का सामना करना पड़ा कि इराक़ी सेना बस 45 मिनट के भीतर ये हथियार तैनात कर सकती है. ब्रिटेन के विपक्षी नेता माइकेल हॉवर्ड ने प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के इस्तीफ़े की माँग की है. माइकेल हॉवर्ड ने आरोप लगाया कि टोनी ब्लेयर ने इराक़ में सैनिक भेजने का फ़ैसला करने से पहले 45 मिनट के दावे की असलियत पता करने की कोशिश नहीं की. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||