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ग़ज़ा में इसराइली कार्रवाई:12 मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सेना ने बुधवार को ग़ज़ा शहर में घुसकर सैनिक कार्रवाई की जिसमें एक पुलिस अधिकारी सहित 12 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि ये मौतें तब हुईं जब इसराइली टैंक ग़ज़ा शहर के पूर्वी हिस्से में बुधवार को घुस गए और इसके बाद दोनों ओर से गोलाबारी हुई. इसराइल का कहना है कि उसने ग़ज़ा पट्टी में यहूदियों की बस्तियों पर मोर्टार से हो रहे हमले रोकने के मकसद से ये अभियान चलाया था. मृतकों में एक पुलिस अधिकारी और पाँच सशस्त्र आदमी हैं लेकिन इसराइली सेना का कहना है कि उसके सैनिकों ने किसी वर्दीधारी आदमी पर गोली नहीं चलाई. इससे पहले ये अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि इसराइली सेना इस तरह की कार्रवाई कर सकती है. बीबीसी संवाददाता जेम्स रोजर्स का कहना है कि ये हमले उस समय हुए हैं जब इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की पिछले सप्ताह की गई घोषणा के अनुसार ग़ज़ा क्षेत्र से बस्तियों का हटाया जाने का प्रस्ताव है. फ़लस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टैंकों के साथ इसराइली सैनिक शिजाइया के क्षेत्र में घुस गए जहाँ उन्होंने फ़लस्तीनी पुलिस चौकियों पर हमला कर दिया जिसमें एक पुलिसकर्मी मारा गया. इसराइली सेना के अनुसार फ़लस्तीनी सैनिकों ने उन इसराइली सैनिकों को निशाना बनाया जो ग़ज़ा पट्टी में यहूदी बस्तियों पर हमले करने वालों को ढूँढ़ने निकले थे. सैनिक सूत्रों के अनुसार इसके बाद ही इसराइली सैनिकों ने गोलियाँ चलाईं जिसमें इतने लोग मारे गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस घटना में कम से कम 18 फ़लस्तीनी घायल हुए हैं. इस्लामी चरमपंथी गुट हमास के एक राजनीतिक नेता ने इन मौतों का बदला लेने का संकल्प व्यक्त किया है. |
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