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डाइक के इस्तीफ़े पर अख़बारों की राय
ब्रिटेन के लगभग सभी अख़बारों ने बीबीसी के पूर्व महानिदेशक ग्रेग डाइक को बीबीसी स्टॉफ के समर्थन की ख़बरें प्रमुखता से छापी हैं. ग्रेग डाइक ने हटन रिपोर्ट में बीबीसी की आलोचना के बाद गुरूवार को इस्तीफ़ा दे दिया था. कुछ ऐसी भी ख़बरें छपी हैं कि बीबीसी के पूर्व महानिदेशक ने अपनी मर्ज़ी से इस्तीफ़ा नहीं दिया. डेली मिरर के अनुसार ऐसा अक्सर नहीं होता कि जब बॉस को निकाला जाए तो सैकड़ों कर्मचारी उसके समर्थन में बाहर सड़कों पर निकल आएँ. डेली मिरर ने शीर्षक लगाया है-स्पाइनलैस यानी रीढ़हीन. अख़बार लिखता है कि हटन रिपोर्ट के निष्कर्षों के आगे बीबीसी के गवर्नर झुक गए. एक अन्य अख़बार गार्डियन में छपा है, 'बाहर ड्रामा, अंदर अव्यवस्था : गवर्नरों ने डाइक को बाहर जाने के लिए बाध्य किया.' अख़बार का कहना है कि बीबीसी के गवर्नर राजनीतिक दबाव में आ गए. लेकिन टाइम्स का मानना है कि ये बीबीसी के हित में था. इंडिपेंडेन्ट ने अपने पहले पन्ने पर लिखा है कि सरकार ने समझदारी नहीं दिखाई है. अख़बार लिखता है कि असली फ़ैसला तो जनता करेगी. डेली टेलिग्राफ़ ने एक जनमतसंग्रह कराया है जिसमें राय ज़ाहिर करने वालों में ज़्यादातर का मत है कि हटन रिपोर्ट महज़ एक लीपा-पोती है. इसके अलावा अख़बारों ने बीबीसी के चेयरमैन पर दर नई नियुक्ति के लिए विभिन्न लोगों के नाम सुझाए हैं. ग़ौरतलब है कि बीबीसी के चेयरमैन गेविन डेविस ने बुधवार को हटन रिपोर्ट आने के एक घंटे के भीतर ही इस्तीफ़ा दे दिया था. इधर ग्रेग डाइक ने कहा, "हम जानते थे कि हमसे ग़लतियाँ हुई हैं मगर हम ये नहीं मानते कि ग़लतियाँ सिर्फ़ हमसे ही हुईं." |
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