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रेडक्रॉस की सद्दाम से मिलने की माँग
रेडक्रॉस ने माँग की है कि उन्हें सद्दाम हुसैन से मिलने की अनुमति दी जाए. रेडक्रॉस ने यह माँग इस अमरीकी घोषणा के बाद की है कि सद्दाम हुसैन को युद्धबंदी का दर्जा दिया जा रहा है. अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को जेनेवा संधि के तहत एक युद्धबंदी के अधिकार दिए जाएँगे. रेडक्रॉस ने कहा कि उनकी माँग क़ानूनन उचित है और युद्धबंदियों की हालत का जायज़ा लेना उनके काम का हिस्सा है. रेडक्रॉस का कहना है कि वे सद्दाम हुसैन से जल्द से जल्द मिलना चाहते हैं. बीबीसी के पेंटागन संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि सद्दाम हुसैन को युद्धबंदी का दर्जा दिए जाने का असर उनके ख़िलाफ चलने वाले मुक़दमे पर ज़रूर पड़ेगा. तकनीकी तौर पर युद्धबंदी का दर्जा देने से उनके ख़िलाफ़ युद्धअपराध का मुक़दमा चलाना अमरीका के लिए आसान होगा, उन्हें यह दर्जा इराक़ की सेना के प्रमुख के रूप में दिया गया है. अधिकार जॉर्डन में रेडक्रॉस के प्रवक्ता मोइन कसिस ने बताया कि इराक़ के सैनिक और असैनिक अधिकारियों को रेडक्रॉस का अनुरोध औपचारिक तौर पर भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन से मिलने की तारीख़ गुप्त रहेगी और दोतरफ़ा विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी. कसिस ने बताया कि मुलाक़ात होने पर सद्दाम हुसैन के स्वास्थ्य की जाँच की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि कहीं उन्हें यातनाएँ तो नहीं दी गईं. प्रवक्ता ने कहा कि सद्दाम हुसैन के अपने परिवार के साथ संपर्क रखने के अधिकार पर भी ज़ोर दिया जाएगा, जेनेवा संधि के तहत उन्हें यह अधिकार हासिल है. जेनेवा संधि के तहत उनसे कुछ पूछने के लिए उनके साथ ज़बरदस्ती नहीं की जा सकती, उनके ख़िलाफ़ धमकी या दबाव का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, पर्याप्त खाने और पानी का इंतज़ाम उन्हें बंधक रखने वालों की ज़िम्मेदारी होगी और फिर उन्हें मेडिकल सुविधाएँ भी हासिल होंगी. |
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