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'भगोड़ों' पर दस लाख डॉलर का इनाम
अमरीका ने सद्दाम हुसैन की सत्ता से जुड़े 12 लोगों को पकड़वाने में मदद करने वालों को बड़े इनाम देने की घोषणा की है. अमरीका का कहना है कि इन 'मोस्ट वांटेड' लोगों की सूचना देने और उन्हें पकड़वाने वालों को 10 लाख डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा. लेकिन अमरीकी सूची में सबसे प्रमुख सद्दाम हुसैन के क़रीबी इज़्ज़त इब्राहीम अल-दौरी पर एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की गई है. अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं पर हुए कई हमलों के पीछे इज़्ज़त इब्राहीम अल-दौरी का हाथ बताया जा रहा है. सद्दाम हुसैन की सत्ता में वो दूसरे सबसे प्रमुख नेता थे. दूसरी ओर इराक़ में अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं पर अब भी हमले जारी हैं. राजधानी बग़दाद में एक बम धमाके में एक अमरीकी सैनिक और दो इराक़ी बच्चों की मौत हो गई है. दूसरी ओर शनिवार को करबला में हुए बम धमाकों में पाँच और इराक़ी सैनिक मारे गए हैं जिससे शनिवार के हमलों में मरने वालों की कुल संख्या 18 हो गई है. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी 'मोस्ट वांटेड सूची में 55 लोग थे जिसमें से 42 को या तो पकड़ लिया गया है या मार दिया गया है.
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने मार्च में इराक़ पर हमले से पहले 'ताश के 52 पत्ते' तैयार किए थे जिसमें सद्दाम हुसैन और उनकी सत्ता के प्रमुख लोग शामिल थे. जिन लोगों पर इनाम की घोषणा की गई उनमें रिपब्लिकन गार्ड के प्रमुख, इराक़ी ख़ुफ़िया एजेंसी के निदेशक और सद्दाम हुसैन के सुरक्षा प्रमुख शामिल हैं. इराक़ में अमरीकी प्रशासन के प्रमुख पॉल ब्रेमर के प्रवक्ता चार्ल्स हेटली का कहना था,"हमने सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया है और अब हम इन बचे हुए लोगों को पकड़ना चाहते हैं." इसके अलावा अमरीकी प्रशासन ने अमरीकी नेतृत्ववाली सेनाओं पर हमला करने वालों को पकड़वाने पर ढाई हज़ार से लेकर ढाई लाख डॉलर तक इनाम देने की भी घोषणा कर रखी है. कुछ प्रेक्षकों का मानना है कि इज़्ज़त इब्राहीम अल-दौरी का इन हमलों के पीछे हाथ होने की संभावना कम है क्योंकि उनका अधिकतर समय अपने आपको बचाने में ही लग जाता होगा. |
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