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नई इराक़ी सेना से सैकड़ों का इस्तीफ़ा
इराक़ में एक नई सेना खड़ी करने की अमरीकी कोशिशों को उस समय झटका लगा है जब सैकड़ों सैनिकों ने इस्तीफ़ा दे दिया. पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि सेना की 700 सैनिकों वाली पहली बटालियन में से 300 सैनिकों ने तैनाती के कुछ ही हफ़्तों के भीतर इस्तीफ़ा दे दिया है. कथित तौर पर सैनिकों ने तनख़्वाह कम होने और हमलावरों से धमकी मिलने की शिकायत करते हुए आदेश मानने से इनकार कर दिया. पेंटागन में मौजूद बीबीसी संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि इन इस्तीफ़ों से अमरीका के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी क्योंकि अगले साल अक्तूबर तक उसकी योजना 40,000 सैनिकों की सेना तैयार करने की है. संवाददाता के अनुसार पेंटागन के लिए ये बड़ी ही शर्मनाक स्थिति हो सकती है क्योंकि वह सेना की तैनाती की प्रक्रिया का काफ़ी ढिंढोरा पीट रहा था. इन सब के बाद अब पेंटागन ये तो कह रहा है कि वह इसकी वजह का पता लगाएगा मगर साथ ही वह इसे महत्त्वपूर्ण भी नहीं मान रहा है. अधिकारियों के अनुसार इराक़ में सेना का गठन अभी उनके लिए इतनी चिंता की बात नहीं है जितना हमलावरों को रोकना. इसीलिए पुलिस और नागरिक प्रशासन व्यवस्था उनकी प्राथमिकता है. अधिकारियों के अनुसार 60 डॉलर प्रतिमाह की तनख़्वाह उन्हें काफ़ी कम लग रही है. सूत्रों के अनुसार सैनिकों की माँग थी कि उनका वेतन पुलिसकर्मियों से ज़्यादा किया जाए क्योंकि पुलिसकर्मी तो घर जा सकते हैं जबकि उन्हें तो बैरकों में ही रहना पड़ता है. इस समय इराक़ में लगभग 13,000 अमरीकी सैनिक हैं मगर अमरीका जल्दी ही वहाँ की ज़िम्मेदारियाँ इराक़ियों को ही सौंपने की योजना बना रहा है. |
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