|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रांस ने अमरीका से रणनीति बदलने को कहा
फ़्रांस ने इराक़ में जारी हिंसा रोकने के लिए अमरीका से तत्काल अपनी रणनीति में बदलाव लाने को कहा है. विदेश मंत्री डोमिनिक डि वेलेपां ने कहा कि देश का कामकाज चलाने के लिए इस साल के अंत तक इराक़ में एक अंतरिम सरकार का गठन होना ज़रूरी है. इससे पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने कहा था कि इराक़ में सत्ता के हस्तांतरण के लिए प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं. उधर, जापान ने कहा है कि वह इराक़ में अभी अपने सैनिक नहीं भेजेगा. उसने कहा है कि इराक़ में सुरक्षा की बिगड़ती हालत को देखते हुए अभी वहाँ सैनिक नहीं भेजे जा सकते. जापान का कहना है कि अब अगले वर्ष ही किसी समय वह इराक़ में अपनी सेना भेज सकता है. अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का साथ देने के लिए जापान को इस साल के आख़िर तक अपने सैनिक इराक़ भेजने थे. जापान ने बुधवार को नासिरिया में इतालवी सेना के मुख्यालय पर आत्मघाती हमले के बाद यह घोषणा की है. पुर्तगाली सेना
नासिरिया के इस हमले के बाद वहाँ मौजूद पुर्तगाल के सैनिक दस्ते को भी बसरा भेजा जा रहा है. पुर्तगाल नासिरिया में सेना भेजनेवाला पहला देश था. इस बीच नासिरिया में बुधवार को राहत और बचाव का काम देर रात तक चलता रहा. इराक़ से बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि घटनास्थल की स्थिति देखकर लगता है कि ये हमला बड़े सोचे-समझे तरीक़े से किया गया. इस हमले में कुल 27 लोग मारे गए थे जिनमें इटली के 16 सुरक्षाकर्मियों और दो नागरिकों की जान गई. इराक़ में किसी ग़ैर-अमरीकी देश की सेना पर ये सबसे बड़ा हमला था. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||