|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुतिन युकोस मामले पर सख़्त
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के नेताओं के साथ रोम में हुई बैठक में कहा है कि रूस में क़ानून का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे वे जो कोई भी हों. रूस की बड़ी तेल कंपनी युकोस पर बने हुए संकट पर अंतरराष्ट्रीय चिंता के बारे में बोलते हुए उन्होंने ये विचार व्यक्त किए. युकोस कंपनी के पूर्व अध्यक्ष मिखाइल ख़ोदोरकोफ़्स्की की गिरफ़्तारी के बाद दुनिया के कई देशों में समझा जा रहा था कि रूस की सरकार राजनीतिक और व्यवसायिक विरोधियों को निशाना बना रह है. रूस में युकोस के ख़िलाफ़ जाँच अब भी जारी है और माना जा रही है कि जाँचकर्ता अब वेसिली शेख़नोस्की को निशाना बना रहे हैं जिनके पास युकोस के तीन प्रतिशत शेयर हैं.
यूरोपीय कमिशन के अध्यक्ष रोमानो प्रोडी ने व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी कि आर्थिक सहयोग तब ही बढ़ सकता है यदि रूसी क़ानून को लागू करने में भेदभाव न बरता जाए. लेकिन राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उनका मकसद क़ानून व्यवस्था कायम करना है, किसी व्यक्ति विशेष के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना नहीं. इस बैठक के बाद संयुक्त घोषणापत्र में कहा गया कि बातचीत सार्थक रही है. ये भी कहा गया कि अगले साल यूरोपीय देश रूस को विश्व व्यापार संगठन की सदस्यता दिलाने के प्रयास करेंगे. इस बैठक में रणनीतिक, वैज्ञानिक और सुरक्षा के विषयों पर सहयोग पर भी चर्चा हुई. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||