|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दो पूर्व इराक़ी जनरलों की गिरफ़्तारी
अमरीकी सेनाओं का कहना है कि उन्होंने दो पूर्व इराक़ी जनरलों को फलूजा से गिरफ़्तार किया है. अमरीका सेना इस मामले में फ़िलहाल इससे ज़्यादा और कुछ नहीं कह रही है. ये अब तक स्पष्ट नहीं है कि ये गिरफ़्तारियां कितनी महत्वपूर्ण है. प्रवक्ता का कहना था कि इन दोनों पर गठबंधन सेनाओं पर हमले आयोजित करवाने और उनके लिए पैसे देने का आरोप है. अमरीका और उसकी सहयोगी सेनाओं को फलूजा में सबसे अधिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. इराक में अमरीकी सैनिकों पर हो रहे हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की गिरफ़्तारी के लिए अमरीकी सैनिकों पर भारी दबाव है. रविवार को फलूजा में ही 15 अमरीकी सैनिक मारे गए थे. ये सैनिक तब मारे गए जब एक अमरीकी शिनूक हेलीकॉप्टर पर मिसाइल से हमला हुआ. इराक़ में सद्दाम हुसैन के शासन की समाप्ति के बाद से पहली बार किसी एक ही हमले में इतनी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गए थे. हमले जारी इधर, अमरीकी सेना का कहना है कि बुधवार को तिकरीत में उसने जब एक जगह छापा मारा तो अमरीकी के दो अड्डों का मॉडल, हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं. इराक़ के उत्तरी शहर मूसल में अलग-अलग हमलों में तीन इराक़ी नागरिक मारे गए और पाँच अमरीकी सैनिक घायल हो गए. इसके पहले मंगलवार को दक्षिणी शहर नजफ़ में भी बंदूकधारियों ने एक न्यायाधीश का अपहरण करने के बाद उन्हें मार डाला. मुहन जब्र अल शुवैली नाम के ये न्यायाधीश सद्दा हुसैन के शासन के दौरान किए गए अपराधों की जाँच कर रहे थे. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||