|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में जज को अगवा करके हत्या की
इराक़ में मंगलवार को हिंसक घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है जिनमें एक जज और एक अमरीकी सैनिक हैं. नजफ़ में बंदूकधारियों ने एक जज मुबान ज़ब्र अल शुवैली को अगवा करके उनकी हत्या कर दी. शुवैली सद्दाम हुसैन के शासनकाल में हुई कथित अपराध की घटनाओं की जाँच कर रहे थे. अमरीकी सैनिकों का कहना है कि उत्तरी शहर तिकरित में हुए बम विस्फोट में एक अमरीकी सैनिक की मौत हो गई है जबकि एक अन्य अमरीकी सैनिक घायल हो गया. दूसरी ओर दक्षिणी शहर करबला में भी एक बम विस्फोट में कम से कम एक इराक़ी व्यक्ति की मौत हो गई है. हाल के दिनों में इराक़ में ऐसे हमलों की संख्या में तेज़ी आ गई है. दो दिन पहले राजधानी बग़दाद में अमरीकी शिनूक हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया गया था जिसमें 16 अमरीकी सैनिक मारे गए थे. लेकिन उसके बाद भी हमलों में कमी नहीं आई है. "पीछे नहीं हटेंगे" दूसरी ओर रविवार की घटना पर पहली बार सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि अमरीका इराक़ को पूरी तरह स्वतंत्र कराने की अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेगा. रविवार को बग़दाद हवाई अड्डे के पास अमरीकी शिनूक हेलिकॉप्टर पर मिसाइल से हमला हुआ था जिसमें 16 अमरीकी सैनिक मारे गए थे. पिछले कई दिनों से अमरीकी क़ब्ज़े का विरोध कर रहे लोग इराक़ में पर्चे बाँट रहे हैं जिनमें प्रतिरोध दिवस मनाने की अपील की गई है. अमरीकी ख़ुफ़िया सूत्रों को इसका पहले से ही अनुमान था कि नवंबर के पहले सप्ताह में अमरीकी ठिकानों पर हमले हो सकते हैं. अमरीकी अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि इन घटनाओं के पीछे विदेशी चरमपंथियों का हाथ है जो इराक़ की स्थिति का लाभ उठाकर हमला कर रहे हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||