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इराक़ पर बुश की आलोचना बढ़ी
इराक़ में अमरीकी सैनिकों पर बढ़ते हमलों के मुद्दे पर राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की देश में और इराक़ में आलोचना बढ़ रही है. इराक़ की अंतरिम शासकीय परिषद के एक सदस्य अहमद अल केफ़ाई ने बीबीसी से कहा है कि अगर परिषद को स्थिति को संभालने के लिए ज़्यादा अधिकार दिए जाएं तो हालात कुछ बेहतर हो सकते हैं. अमरीकी सैनिकों पर हमलों में शामिल लोगों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इराक़ी लोग उनके बारे में जानते हैं कि वे कौन हैं, कहाँ रहते हैं और किस तरह बर्ताव करते हैं. और सैनिक दूसरी तरफ़ अमरीकी सीनेट के दो सदस्यों ने माँग की है कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों को देखते हुए वहाँ और सैनिक भेजे जाने चाहिए.. ग़ौरतलब है कि रविवार को भी अमरीका के दो शिनूक हेलिकॉप्टरों पर हमला किया गया जिसमें 15 सैनिक मारे गए और अन्य हमलों में भी दो अमरीकी सैनिक एक नागरिक मारा गया था. सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के रिपबल्किन अध्यक्ष रिचर्ड लुगर ने राष्ट्रपति बुश से यह भी माँग की है कि वे अपने परंपरागत और अड़ियल विरोधियों फ्रांस और जर्मनी से भी इस मामले में मदद के लिए कहें. इस समिति के उपाध्यक्ष डेमोक्रेट पार्टी के जोसेफ़ वाइडेन ने भी ऐसा ही अनुरोध किया है. वाशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति के चुनाव के लिए ठीक एक साल बचा है और ऐसे हालात में हेलिकॉप्टरों पर हमलों की तस्वीरें बुश प्रशासन के लिए ख़ासी परेशानी पैदा कर रही हैं. संवाददाता का कहना है कि बुश प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि मीडिया संगठन इराक़ से आने वाले अमरीकी सैनिकों के शवों और हमलों की तस्वीरें ना छापें या दिखाएं. |
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