अरब जगत में विरोध, अमरीकी दूतावासों की सुरक्षा बढ़ी

काहिरा में विरोध प्रदर्शन
इमेज कैप्शन, इस्लामी समूहों ने काहिरा में शांतिपूर्ण 'मिलियन-मार्च' का आह्ववान किया है

<link type="page"> <caption> पैगंबर मोहम्मद</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120913_muhammad_film_ia.shtml" platform="highweb"/> </link> पर बनी विवादित अमरीकी <link type="page"> <caption> फिल्म</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120914_prophet_film_police_va.shtml" platform="highweb"/> </link> को लेकर अरब जगत में जारी प्रदर्शनों के बीच वहां अमरीकी दूतावासों की सुरक्षा-व्यवस्था खासी कड़ी कर दी गई है.

एफबीआई और अमरीकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि ''हिंसा का खतरा देश और विदेशों में बढ़ सकता है क्योंकि फिल्म अभी भी लोगों का ध्यान खींच रही है.''

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद <link type="page"> <caption> विरोध प्रदर्शन</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/09/120913_us_protest_gallery_va.shtml" platform="highweb"/> </link> के तेज होने की आशंका जताई गई है.

मिस्र की राजधानी काहिरा में चौथे दिन भी एकत्र हुए लगभग 500 प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं.

काहिरा में अमरीकी दूतावास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तहरीर चौक की ओर मोड़ दिया है.

मंगलवार को लीबिया में बेनगाज़ी स्थित अमरीकी दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया था जिसमें राजदूत और तीन अन्य अमरीकी कर्मचारी मारे गए थे.

इसके बाद से ही समूचे पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में <link type="page"> <caption> विरोध-प्रदर्शन</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120913_yemen_protest_ia.shtml" platform="highweb"/> </link> हो रहे हैं.

'मिलियन-मार्च' का आह्ववान

काहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लिन का कहना है कि वहां वातावरण में अभी भी अशांति है.

काहिरा में विरोध प्रदर्शन
इमेज कैप्शन, अभी तक किसी गुट ने अमरीकी दूतावास पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है

अमरीकी दूतावास के आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

इस्लामी समूहों और अन्य ने शहर में शांतिपूर्ण 'मिलियन-मार्च' का आह्ववान किया है, लेकिन कई समूहों ने इस आह्वान से खुद को अलग कर लिया है.

मुस्लिम ब्रदरहुड के राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी का कहना है कि पार्टी मार्च निकालेगी और प्रमुख मस्जिदों के सामने धरना-प्रदर्शन करेगी लेकिन अमरीकी दूतावास के बाहर ऐसी कोई गतिविधि नहीं होगी.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वादा किया है कि विदेशों में अमरीकियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी उपाए किया जाएगा. उन्होंने विदेशी सरकारों से अमरीकी नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी देने के लिए कहा है.

बान की मून ने निंदा की

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस फिल्म और हिंसा की भर्त्सना की है.

बान की मून ने एक बयान में कहा, ''इन हमलों और हत्याओं को किसी भी तरह न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता है.''

बयान में कहा गया है, ''ऐसा लगता है कि इस घृणित फिल्म को हिंसा भड़काने के लिए जान-बूझकर बनाया गया है.''

लीबिया के नए प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अबु शक़ूर ने बीबीसी से कहा कि वो नहीं चाहते कि दूतावास पर हमले की घटना की वजह से अमरीका के साथ लीबिया के संबंध खराब हों.

गिरफ्तारी और पूछताछ

बेनगाज़ी में अमरीका और लीबिया के अधिकारी इस आशंका की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या भारी हथियारबंद चरमपंथियों ने विरोध-प्रदर्शन के बहाने हमले को अंजाम दिया.

लीबियाई अधिकारियों का कहना है कि इस सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. हमले में अमरीकी राजदूत क्रिस स्टीवेंसन समेत दूतावास के चार कर्मचारी मारे गए थे.

लीबिया के उप-गृहमंत्री वनीस अल शरीफ ने संवाददाताओं से कहा कि इन लोगों को उनके घरों से ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उन्होंने इससे ज्यादा ब्योरा नहीं दिया.

प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अबु शक़ूर ने इस हमले के लिए ''अपराधियों'' को जिम्मेदार बताया है और कहा है कि फिल्म के खिलाफ गुस्से के बहाने हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता है.

मुस्तफ़ा अबु शक़ूर ने बीबीसी से कहा, ''लोग ये नहीं समझते कि इस तरह के मामलों से अमरीकी सरकार का कुछ लेना-देना नहीं है. किसी ने फिल्म बनाई और यूट्यूब पर डाल दी. ये बहुत बड़ा अपराध है, लेकिन इसके बहाने अमरीकियों के खिलाफ हिंसा को जायज नहीं ठहराया जा सकता है. लोग शांतिपूर्ण तरीके से भी प्रदर्शन कर सकते हैं और अपनी बात कह सकते हैं.''

किसी गुट ने दूतावास पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. शरीफ का कहना है कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि गिरफ्तार किए गए लोगों का किसी खास संगठन से संबंध है.

विवादित फिल्म को अमरीका में शूट किया गया है और इसकी क्लिप्स अरबी भाषा में तैयार की गई हैं जिन्हें इस वर्ष की शुरूआत में इंटरनेट पर डाल दिया गया था.