अरब देशों में फैली अमरीका विरोधी प्रदर्शनों की आग

अमरीका में इस्लाम पर बनी एक फिल्म का यमन, मिस्र, मोरोक्को, सूडान, ट्यूनिशिया में विरोध हो रहा है. यमन में प्रदर्शनकारी अमरीकी दूतावास में दाखिल हो गए और हिंसा भी हुई है.
फ़िल्म के कुछ अंश को इंटरनेट पर देखे जाने के बाद से अरब जगत में सबसे पहले प्रदर्शन मिस्र में शुरू हुए. कई देशों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होने की भी खबर है.
मिस्र की राजधानी काहिरा में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुईं. ट्यूनिशिया में प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी दूतावास में दाखिल होने की कोशिश की है.
ईरान, बांग्लादेश में ढाका, इराक में बसरा में भी कुछ प्रदर्शन होने की खबरें आई हैं.
मंगलवार को लीबिया के शहर बेन्ग़ाज़ी में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में अमरीकी राजदूत समेत तीन अमरीकी नागरिक और 10 लीबियाई नागरिक मारे गए थे.

गुरूवार को ही अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात की जांच कर रहें हैं कि लीबिया में अमरीकी दूतावास पर हुए हमले के पीछे कोई चरमपंथी साज़िश थी या केवल फ़िल्म के कारण लोगों की नाराज़गी का नतीजा था.
अमरीकी दूतावास में आगज़नी, हिंसा
लेकिन यमन की राजधानी सना में तो प्रदर्शनकारी अमरीकी दूतावास के आसपास सुरक्षाकर्मियों का घेरा तोड़ते हुए परिसर के अंदर घुस गए.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण पाने की कोशिश में फायरिंग की है लेकिन वे उन्हें परिसर में दाखिल होने से नहीं रोक पाए हैं. अनेक लोग इस घटना में घायल हुए.
सना में चश्मदीदों का कहना है कि दूतावास के अंदर कई गाड़ियों को आग लगी दी गई है.
सना में सुरक्षा बलों ने आँसू गैस, पानी के गोलों और फायरिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने की कोशिश की लेकिन कामयाब न हुए.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "हम अमरीकी दूतावास की परिसर के भीतर आग लगी हुई देख रहे हैं और सुरक्षाकर्मी हवा में गोलियाँ चला रहे हैं. प्रदर्शनकारी इधर-अधर भाग रहे हैं लेकिन एकजुट होकर फिर धावा बोल रहे हैं."

दूतावास की खिड़कियाँ तोड़ दी गईं और अमरीकी झंडे को भी फाड़ दिया गया.
फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि दूतावास पर किसका कब्जा है. रिपोर्टों के अनुसार दूतावास के कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित जगह पर पहुँचा दिया गया था.
मिस्र में झड़पें, हिंसा
मिस्र में लगातार तीसरे दिन अमरीकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारी अमरीकी राजदूत को देश के बाहर निकाले जाने की मांग कर रहे थे.
पुलिस ने आँसू गैस छोड़ी जबकि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया.
बुधवार को हुए प्रदर्शनों में अमरीकी दूतावास की एक दीवार तोड़ दी गई थी और अमरीकी झंडा फाड़ दिया गया था.
गृह मंत्रालय के मुताबिक 16 लोग बुधवार को घायल हुए थे जिनमें से 13 पुलिसकर्मी थे. दो पुलिस वाहन जला दिए गए थे जबकि 12 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था.
मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने शांति की अपील करते हुए कहा है कि पूरी अरब जगत में गुस्से की लहर चल रही है लेकिन उन्होंने सभी विदेशियों और दूतावासों की हिफाजत करने का वादा गिया है.












