क़ुरान जलाने पर प्रदर्शन जारी, पाँच की मौत

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अमरीका में क़ुरान की प्रति जलाए जाने के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान के शहर कंधार में पाँच लोग मारे गए हैं. इस दौरान 40 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने टायरों को आग लगा दी और दुकानों में तोड़फ़ोड की.
शुक्रवार को मज़ार-ए-शरीफ़ में भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए थे जिसमें 14 लोग मारे गए थे जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सात कर्मचारी शामिल थे.
अफ़ग़ानिस्तान पर 2001 के अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के हमले के बाद किसी संयुक्त राष्ट्र अभियान पर ये सबसे बड़ा हमला था.
कंधार में शनिवार को हुए प्रदर्शनों में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. कई जगह गोलियों की आवाज़ सुनाई दी और वाहनों को आग लगा दी गई.
दरअसल 20 मार्च को फ़्लोरिडा के एक चर्च में अमरीकी पैस्टर वेन सैप ने क़ुरान की प्रति को आग लगा दी थी. अफ़ग़ानिस्तान में प्रदर्शनकारी इसी का विरोध कर रहे हैं.
कुछ अधिकारियों ने प्रदर्शनों के लिए तालिबान के लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया है हालांकि उसने इनकार किया है. क़ुरान जलने के वक़्त एक दूसरे विवादित पादरी टेरी जोन्स वहां मौजूद थे.
जोन्स पिछले बरस उस वक़्त पूरी दुनिया की निंदा का शिकार हुए थे जब उन्होंने वहां 9 /11 की बरसी पर क़ुरान जलाने की घोषणा की थी.












