कौन हैं जूलियन असांज?

अपनी वेबसाइट विकीलीक्स के ज़रिए इराक़, अफ़ग़ानिस्तान युद्ध और अमरीका से जुड़े ख़ुफ़िया दस्तावेज़ जारी कर जूलियन असांज दुनिया भर में मशहूर हो गए.
दुनियाभर में उनके लाखों प्रशंसक हैं और विश्व के कई देश अब उन्हें अपने रास्ते की रुकावट मानते हैं, लेकिन विकीलीक्स की खोज करने वाले जूलियन असांज आखिर हैं कौन?
जूलियन के साथ काम करने वालों की मानें तो वो कंप्यूटर-कोडिंग के महारथी एक ऐसे एक शख्स हैं जिनकी बुद्धिमता और लगन ने उन्हें इस मुकाम पर खड़ा किया है.
आलोचक कहते हैं कि वो प्रचार के भूखे हैं और प्रशंसक उन्हें सच का सिपाही मानते हैं, लेकिन जूलियन के लिए उनका लक्ष्य ही ज़िंदगी में आगे बढ़ने का एकमात्र मक़सद है.
जूलियन अकसर यात्रा करते रहते हैं और विकीलीक्स को अलग-अलग जगहों से चलाते हैं.
कई घंटों तक बिना खाए, बिना सोए काम में जुटे रहना अब उनकी आदत बन चुकी है. न्यूयॉर्कर मैगज़ीन के एक रिपोर्टर ने उनके साथ कई हफ़्ते बिताए.
उनका कहना है, ''वो अपने आस-पास एक ऐसा माहौल बना लेते हैं कि उनके साथ जुड़े लोग हर क़ीमत पर उनकी मदद और उनके काम के लिए तैयार रहते हैं. शायद ये उनके व्यक्तित्व का ही कमाल है.''
जूलियन का जन्म 1971 में उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में हुआ. माता-पिता रंगमंच से जुड़े़ थे इसलिए उनका बचपन अलग-अलग जगहों पर अलग माहौल में बीता.
18 साल की उम्र में वो पिता बन गए और पत्नी के साथ विलगाव के बाद बच्चे के क़ानूनी संरक्षण के लिए उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी.
हुनर को आज़माया
इंटरनेट के विकास ने उन्हें गणित के अपने हुनर को आज़माने की ओर प्रेरित किया.
कंप्यूर हैक करने की अपनी एक कोशिश के दौरान वो पकड़े भी गए लेकिन उन्होंने अपना काम और कंप्यूटर के क्षेत्र में अनुसंधान जारी रखे.
विकीलीक्स की शुरुआत 2006 में हुई जब जूलियन के साथ कंप्यूटर कोडिंग के कुछ महारथी जुड़ गए. इनका मक़सद था एक ऐसी वेबसाइट बनाना जो उन दस्तावेज़ों को जारी करे जो कंप्यूटर हैक कर पाए गए हैं.
बीबीसी से हुई एक बातचीत में असांज ने कहा था, ''अपने स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए हमें अलग-अलग देशों से काम किया. अपने संसाधनों और टीमों को भी हम अलग-अलग जगह ले गए, ताकि क़ानूनी रुप से सुरक्षित रह सकें. अब हम ये सब करना सीख गए हैं. आज तक न हमने कोई केस हारा है न ही अपने किसी स्रोत को खोया है.''
जानकार मानते हैं कि विकीलीक्स के काम करने के तरीक़ों के बारे में अब भी बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं है.
इस पूरे मामले में एक अजीब मोड़ आया जब जूलियन पर यौन-दुर्व्यवहार के आरोप लगे.
स्वीडन में लगे बलात्कार और यौन-दुर्व्यवहार के इन आरोपों को लेकर जूलियन के वकीलों का कहना है कि ये संबंध पूरी तरह सहमति पर आधारित थे.
जूलियन का मानना है कि ये उनकी छवि खराब करने की एक कोशिश है ताकि वो अपने काम से पीछे हट जाएं.
उन पर लगे इन आरोपों को अगस्त में वापस ले लिया गया लेकिन सितंबर में ये केस फिर खुला.












