संसद की बैठक बहाल करने का आदेश

इराक़ के उच्चतम न्यायालय ने देश की संसद की बैठक कराए जाने का आदेश दिया है.
मार्च में हुए चुनाव के बाद से संसद की केवल एक ही बैठक हो सकी है.
अब अदालत ने कहा है कि सांसदों की स्वघोषित ग़ैरहाज़िरी असंवैधानिक है.
इस वर्ष सात मार्च को हुए चुनाव के बाद इराक की राजनीति में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है.
इस चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री ईयाद अलावी को थोड़ा फ़ायदा हुआ था लेकिन तब से ना वो और ना ही वर्तमान प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कोई गंठबधन बनाया.
जून में संसद की एक बैठक हुई जो केवल 20 मिनट तक चली. इस बैठक में सांसदों को शपथ दिलाया गया.
इस बैठक में निर्णय लिया गया कि औपचारिक रूप से संसद की बैठक को स्थगित किया जाए ताकि राजनेताओं को गठबंधन के लिए वक़्त मिल सकें.
उम्मीद
हालाँकि तब से इस मामले में ख़ास प्रगति नहीं हुई और इराक़ में कोई सरकार नहीं बन पाई है.
उच्चतम न्यायालय ने संसद की बैठक में देरी की निर्णय को ख़ारिज करने का निर्णय लिया है.
वैसे इराक़ के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने बीबीसी को बताया कि न्यायालय के इस आदेश से इराक़ में सरकार बनाने की राजनीतिक अनिश्चिता की स्थिति नहीं टूटेगी.
इराक़ में जबतक सरकार के घटकों के बारे में पूरी तरह से निर्णय नही लिया जाता तब तक संसद के अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों का चुनाव नहीं हो सकता.












