मशहूर फोटोग्राफ़र डॉजी वालास ने मुंबई में टैक्सी की तस्वीरों की प्रदर्शनी.
इमेज कैप्शन, लंदन में रहने वाले ग्लासवीजियन (ग्लास्गो या आस-पास के) फ़ोटोग्राफ़र डॉजी वालास ने चार साल तक भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में चलने वाली काली-पीली प्रीमियर पद्मिनी टैक्सियों की तस्वीरें खींची हैं. ये टैक्सी 1960 से मुंबई के जीवन का हिस्सा रही हैं.
इमेज कैप्शन, इनके इंटीरियर भी खुद टैक्सी जितने ही मशहूर रहे हैं. कई तरह के रंग-बिरंगे और डिज़ाइनर कपड़ों से सजी इन गाड़ियों में बड़े स्पीकर लगे होते थे जिनपर अक्सर बॉलीवुड के नए गाने बज रहे होते.
इमेज कैप्शन, भीड़ भरी सड़कें और विभिन्न तरह के यात्री वालास के प्रभाववादी दृश्यों के लिए एक शानदार पृष्ठभूमि प्रदान करते हैं.
इमेज कैप्शन, वालास कहते हैं, "मानवीय व्यवहार मेरी तस्वीरों की प्रेरणा है. लोग, उनका संवाद और भावनाएं मुझे मोह लेते हैं."
इमेज कैप्शन, "लोगों की हाज़िरजवाबी, आलोचना और मज़ाकिया चित्रण मुझे प्रेरित करते हैं कि अपने लेंस के ज़रिए इसे तस्वीर में उतार लूं."
इमेज कैप्शन, वह कहते हैं, "मेरा काम प्रेरित है में आज के बढ़ते व्यवसायीकरण की संस्कृति, इसके हमारे आराम के समय पर पड़ने वाले प्रभाव, वैश्विक पर्यटन और कॉर्पोरेट और ब्रांड के प्रभुत्व के परिणामस्वरूप पड़ने वाले अनिवार्य प्रभाव से."
इमेज कैप्शन, सत्तर के दशक से मुंबई की सड़कों पर 60,000 से ज़्यादा पद्मिनी चल रही थीं लेकिन हाल ही में 20 साल पुराने वाहनों पर प्रतिबंध के एक सरकारी आदेश के बाद इनकी संख्या मात्र 9,000 रह गई है.
इमेज कैप्शन, इन मशहूर टैक्सियों को चरणबद्ध रूप से बाहर किए जाने से एक तरह से एक युग का अंत हो गया है.
इमेज कैप्शन, वालास की यूरोप, अमरीका और भारत में कई महत्वपूर्ण प्रदर्शनियां लगी हैं, जिनमें हाल ही में दिल्ली के ब्रिटिश काउंसिल में लगी प्रदर्शनी भी शामिल है.
इमेज कैप्शन, डॉजी वालास की अ बुक ऑफ़ दि वर्क, रोड वाला को डेवी लुइस ने प्रकाशित किया है. सभी तस्वीरेः डॉजी वालास /www.instituteartist.co रोड वाला /www.dewilewis.com से.