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कोरोना वायरसः लॉकडाउन के बाद क्या अब ये सब आम बात होगी?
दुनिया अब बदल चुकी है.
कोविड-19 महामारी का हर शख़्स पर असर पड़ा है चाहे वो दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यों न रह रहा हो.
कुछ देशों ने अपने यहां लॉकडाउन में ढील दी है.
आइये हम पूरी दुनिया की कुछ तस्वीरों पर नज़र डालते हैं कि दुनिया अब कैसी दिखती है और कैसा समय अब आने वाला है.
क्लासरूम
स्कूलों और नर्सरी के दोबारा खोले जाने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग बरक़रार रखी जा रही है जो शिक्षक और छात्रों के लिए एक बड़ी परीक्षा की तरह है.
कई कक्षाएं बदल चुकी हैं और छोटे बच्चों के परिजन उनकी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं.
इटली के इवरिया में दो किंडरगार्डन स्कूलों के गार्डन पायलट टेस्ट के तहत खोले गए हैं ताकि ये देखा जा सके कि लॉकडाउन के बाद स्कूल दोबारा कैसे खोले जा सकते हैं.
पार्क
याद करिए उन दिनों को जब पार्क में परिवार एक साथ बैठा करते थे और चहलकदमी करते हुए लोगों की आवाज़ें सुनाई देती थीं.
लॉकडाउन के बाद अब यह थोड़ा अलग तरीक़े से दिखेगा.
खेलकूद की कई जगहें अभी भी बंद हैं और कुछ हर-भरे इलाक़ों को दोबारा खोला गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जा सके.
अमरीका के ब्रुकलिन के डोमिनो पार्क में घास पर सर्कल बनाए गए हैं जिसमें वो पिकनिक मना सकते हैं और धूप सकते हैं ताकि लोग दूर-दूर रह सकें.
कामकाज
लॉकडाउन के दौरान बहुत सारे लोग घर से काम कर रहे हैं और अपने सहकर्मियों के साथ वीडियो कॉल के ज़रिए जुड़ रहे हैं.
लेकिन जैसे चीज़ें दोबारा शुरू होंगी तो दफ़्तरों को भी वैसे ही बनाना होगा.
दक्षिण अफ़्रीका के जोहांसबर्ग में प्लास्टिक के क्यूबिकल्स बनाए गए जहां 30 करोड़ फूलों के तनों की नीलामी हुई और उन्हें बेचा गया.
ख़रीदारी
दुकानों से ख़रीदारी का तरीक़ा भी बदल रहा है.
ऑनलाइन ख़रीदारी में बढ़ोतरी हो रही है और सुपरमार्केट्स में ख़रीदारी के लिए लोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके.
नीदलैंड्स के रोटेरडम में एक टेलर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्लेक्सिग्लास का इस्तेमाल कर रहा है.
प्लास्टिक में छेद के ज़रिए वो हाथ डालकर अपने कस्टमर के सूट की फ़िटिंग चेक करता है.
बाहर खाना कैसे होगा
क्या हम रेस्तरां में दोबारा अपने प्रियजनों के साथ वैसे ही खाना खा पाएंगे?
थाईलैंड के बैंकॉक में सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने के लिए कार्डबोर्ड और प्लास्टिक शीट के ज़रिए अलग किए गए टेबल पर लोग खाना खा रहे हैं.
कई सारे रेस्तरां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लागू करने के लिए टेबल या ब्लॉकिंग सीट पर प्लास्टिक के ज़रिए विभाजन कर रहे हैं.
कॉन्सर्ट
हालांकि, ज़िंदगी इस समय अजब दौर से गुज़र रही है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जो चीज़ें हमें चहेती हैं उनका हम लुत्फ़ न लें, जैसे कि संगीत.
इसका मतलब है कि कॉन्सर्ट आने वाले समय में अलग तरीक़े से होगा जैसे कि दक्षिण कोरिया के गोयांग में हुआ.
के-पॉप, इंडी और क्लासिकल समेत तीन दिन का संगीत का कॉन्सर्ट हुआ जो लोगों के बीच काफ़ी प्रसिद्ध हुआ इसमें लोगों ने अपनी कार में बैठे-बैठे संगीत का लुत्फ़ लिया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया.
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