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पोर्न फिल्मों को ख़बसूरत बनाने की कोशिश
- Author, निक अर्नोल्ड
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
23 साल की फ़ोटोग्राफ़ी स्टूडेंट ब्लाथ ने अपनी कलात्मक सोच के ज़रिए पोर्न फिल्मों को ख़बसूरत बनाने की कोशिश की है.
ब्लाथ ने बताया कि जब वह पढ़ाई नहीं कर रही होती हैं तो ख़ुद को कलात्मक पोर्नोग्राफ़ी बनाने में व्यस्त रखती हैं.
लोग अक्सर उसकी फ़िल्मों को ख़ूबसूरत कहते हैं, जो शब्द पोर्न से बिल्कुल भी जुड़ा नहीं माना जाता.
किसी एक सीन में ब्लाथ को गुलाब की पंखुड़ियों से भरे बाथटब में या किसी दूसरी लड़की पर मोमबत्ती के वैक्स को स्लो मोशन में गिराते देखा जा सकता है.
उन्हें स्कॉटिश क्वीर इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल के साथ बर्लिन और लंदन पोर्न फेस्टिवल में भी स्क्रीनिंग का मौका मिला है.
कुछ नया करने की कोशिश
ब्लाथ बताती हैं, ''मुझे ऐसे बहुत से लोग मिले हैं जो कहते हैं कि मैं जो बना रही हूं वह पोर्न नहीं, कला है. लेकिन जब लोग कैमरे पर सेक्स करते दिखते हैं, वह पोर्न है.''
ब्लाथ उन तमाम महिला पोर्न निर्देशकों में से हैं जो वक़्त के साथ इंडस्ट्री को कुछ नया और अलग ढंग से देने की कोशिश में हैं.
दूसरों की बात करें तो उनमें एरिका लस्ट, जैकी सेंट जेम्स, जोएन्ना एंजेल और ग्राउंड ब्रेकिंग परफॉर्मर से फ़िल्म मेकर बनी नीना हार्टली जैसी अवॉर्ड विजेता भी हैं.
ब्लाथ की मां ने ईस्ट लंदन में उसे पाला, जहां वह कैथोलिक हाई स्कूल में इकलौती से लेस्बियन थीं. वे इस अनुभव को भयावह करार देती हैं. स्कूल में किसी ने उनके बैग पर बड़े-बड़े शब्दों में समलैंगिक लिख दिया था. उसने काफ़ी समय तक वो बैग इस्तेमाल किया.
सब अपनी मर्ज़ी से किया
18 साल की उम्र में उन्हें एक पोर्न वेबसाइट का पता चला जिसमें लड़कियां ख़ुद अपनी तस्वीर और वीडियो शूट करके अपलोड करती थीं.
उन्होंने देखा कि अलग-अलग टैटू, बालों की शौकीन और अलग-अलग बॉडी शेप की महिलाएं वहां मौजूद थीं, जो कि मुख्यधारा के मीडिया में कहीं नहीं दिखता.
इस वेबसाइट का सबसे बड़ा आकर्षण यह था कि इसमें किसी भी वीडियो में परफॉर्म करने वाली महिला अपनी मर्जी से वह सब करती थी. वे वही करती थीं, जो असल में करना चाहती थीं.
ब्लाथ ने बताया कि उनकी हमेशा से इच्छा रही है कि वह न्यूड फ़ोटोग्राफ़ी करें और अपने ख़ुद के शरीर की न्यूड फ़ोटो खींचकर वह इसकी प्रैक्टिस करती थीं. यहां एक कम्युनिटी ऐसी भी थी जहां महिलाओं को इसके लिए पैसे भी मिलते थे.
ब्लाथ अभी भी उसी शिद्दत के साथ वीडियो बनाती हैं, उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करती हैं. बड़ी संख्या में लोग उसके फ़ैन हैं.
पसंद-नापसंद का ख़्याल
हाल ही में ब्लाथ बीबीसी थ्री सीरीज़ क्वीर ब्रिटेन में भी आईं. वह पोर्न फ़िल्मों से ज्यादा म्यूज़िक वीडियो पसंद करती हैं. उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि ये सब एक ख़ूबसूरत फिल्म का हिस्सा हों.'
ब्लाथ ने बताया कि वह किसी भी शूटिंग से पहले उसमें काम करने वालों की पसंद-नापसंद का ख़्याल रखती हैं.
उन्होंने बताया, 'कुछ लोगों को बाहों पर काफ़ी गुदगुदी होती है. ऐसे में अगर आप उन पर उंगलियां फेरेंगे तो उन्हें हंसी आने लगेगी और शूटिंग खराब हो जाएगी.'
ब्लाथ ने बताया कि उसके ग्राहकों में सिर्फ़ लड़कियां ही नहीं, लड़के और अकेले पुरुष भी शामिल हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर फैंस के रोज़ाना क़रीब 65 हजार मैसेज मिलते हैं, जो बेहतर काम के लिए तारीफ़ करते हैं.
वह कहती हैं कि इंडस्ट्री में जिस तरह कंपनियां सीमाएं और सहमति तय करती हैं, वह सही नहीं है. उनका मानना है, 'हमें व्यक्तिगत तौर पर क़रीब से किसी के एक्शन को देखने की ज़रूरत है, पूरी इंडस्ट्री की नहीं.'
अब लाइव पोर्न का दौर आ गया है. बड़ी संख्या में पोर्न स्टार अपने आर्थिक फ़ायदे और अपने चाहने वालों से बातचीत के लिए भी लाइव परफॉर्म करते हैं.
सेक्स इमोशनल होता है
ब्लाथ का मानना है कि सोशल मीडिया के आने से पोर्न इंडस्ट्री को काफ़ी फ़ायदा हुआ है. इससे परफॉर्मर और ऑडियंस के बीच की दूरी कम हुई है.
उन्होंने कहा, 'सेक्स इमोशनल होता है. यह सिर्फ़ शारीरिक नहीं है, यह केमिकल और सोशल भी है.'
अपनी पोर्न फिल्मों में ब्लाथ का मुख्य फ़ोकस माहौल पर होता है क्योंकि असल दुनिया के सेक्स में ये चीज़ काफी अहम है.
ब्लाथ कहती हैं, 'मुझे उम्मीद है कि मैं लंबे समय तक समलैंगिक लोगों, उनकी ज़िंदगी और उनके बीच सेक्स को फिल्माती रहूंगी.'
ब्लाथ बीबीसी थ्री की सीरीज क्वीर ब्रिटेन के पांचवें एपिसोड में दिखीं. यहां देखें.
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