सीरिया में बिगड़े हालात, अब तक की बड़ी बातें

सीरिया में इस्लामी चरमपंथी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) ने देश में सरकार के ख़िलाफ़ बीते कुछ सालों में अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. इसे राष्ट्रपति बशर अल-असद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

सारांश

  • असम के बराक घाटी के होटलों और रेस्तरां मे बांग्लादेशी ग्राहकों के प्रवेश पर रोक
  • रॉबर्ट वाड्रा ने क्यों कहा- योगी आदित्यनाथ की सोच है बंटेंगे तो कटेंगे
  • कांग्रेस ने कहा- 'अदानी को बचाने में मोदी सरकार ने भारत की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी'
  • सीरिया को लेकर भारत ने ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान और अभिषेक पोद्दार

  1. सीरिया के हालात पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- ''ये हमारी लड़ाई नहीं, अमेरिका को इससे दूर रहना चाहिए''

    सीरिया

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के हालात पर टिप्पणी की है

    अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया में बिगड़ते हालात पर कहा है कि अमेरिका को इस लड़ाई से दूर रहना चाहिए.

    ट्रंप ने एक एक्स पोस्ट में लिखा है, ''ये हमारी लड़ाई नहीं है. इसे अपने आप सुलझने दें. इसमें शामिल मत हों!''

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि सीरिया में विपक्षी लड़ाकों ने, एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, कई शहरों पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है.

    उन्होंने आगे लिखा है, ''रूस, जो यूक्रेन में बुरी तरह फंसा हुआ है और वहां 6 लाख से ज्यादा सैनिकों को खो चुका है, अब सीरिया में इस सीधे बढ़ते हमले को रोकने में असमर्थ नजर आ रहा है. सीरिया वो देश है जिसे रूस ने सालों से समर्थन दिया है.''

    बता दें कि सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोही गुटों ने बीते कई सालों में अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है.

    साल 2011 में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण और लोकतंत्र समर्थक विद्रोह एक गृह युद्ध में तब्दील हो गया, जिसने न केवल देश को तबाह किया बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां भी इसमें शामिल हो गईं.

    तब से लेकर अब तक इस जंग में पाँच लाख से अधिक लोग मारे गए हैं. एक करोड़ 20 लाख लोगों को अपने घर से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा. इनमें से लगभग 50 लाख लोग अब या तो शरणार्थी हैं या फिर वे विदेश में शरण चाह रहे हैं.

    सीरिया में चल रही हलचल से जुड़ी ये कहानियां ज़रूर पढ़ें:

  2. सीरिया में बिगड़े हालात, अब तक क्या-क्या हुआ?

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    इमेज कैप्शन, सीरिया में विद्रोहियों ने सरकारी बलों की गाड़ी पर कब्ज़ा कर लिया.

    सीरिया में इस्लामी चरमपंथी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) ने देश में सरकार के ख़िलाफ़ बीते कुछ सालों में अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. इसे राष्ट्रपति बशर अल-असद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

    सीरिया में चल रही हलचल से जुड़ी अबतक की बड़ी बातें:

    • सीरिया में विद्रोही समूह उत्तर और दक्षिण से राजधानी दमिश्क पर कब्ज़ा करने के लिए बढ़ रहे हैं.
    • सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के कार्यालय ने इस बात से इनकार किया है कि राष्ट्रपति राजधानी छोड़कर जा चुके हैं.
    • वीडियो फ़ुटेज में दमिश्क के एक उपनगर में कुछ प्रदर्शनकारियों को अल-असद के दिवंगत पिता हाफ़ेज़ अल-असद की मूर्ति तोड़ते हुए दिखाया गया है.
    • एक अनाम अमेरिकी अधिकारी ने हमारे सहयोगी सीबीएस को बताया है कि दमिश्क "अब विद्रोहियों के अधीन एक उपनगर बनता जा रहा है".
    • सीरिया के आंतरिक मामलों के मंत्री ने कहा है कि दमिश्क के चारों तरफ "बहुत मज़बूत सैन्य घेरा" है. उन्होंने दावा किया कि कोई भी इसे पार नहीं कर पाएगा.
    • इस बीच, इसराइली सेना ने कहा है कि वह सीरिया में हमले के दौरान संयुक्त राष्ट्र बलों को "विद्रोहियों के हमले को विफल" करने में सहयोग कर रही है.
    • वहीं, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के हालात पर कहा, ''किसी भी स्थिति में, सीरिया एक झंझट है, लेकिन हमारा दोस्त नहीं है. और संयुक्त राज्य अमेरिका का इससे कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए. यह हमारी लड़ाई नहीं है.''

    सीरिया में चल रही हलचल से जुड़ी ये कहानियां ज़रूर पढ़ें:

  3. नमस्कार!

    शनिवार के इस लाइव पेज को अब विराम देने का समय आ गया है.

    इसी के साथ बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार को दीजिए इजाज़त.

    रविवार को हम बीबीसी लाइव पेज के जरिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर से हाज़िर होंगो.

    फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

    - सीरिया में जो कुछ हो रहा है उसकी वजह क्या है?- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी ने 'महाविकास अघाड़ी' से अलग होने की बात क्यों कही? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - सुपरबग्स से निपटने के लिए भारत की नई एंटीबायोटिक दवाएं बनेंगी 'गेमचेंजर'?- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - अबू मोहम्मद अल-जुलानी: सीरिया के शहरों पर कब्ज़ा करने वाले विद्रोही गुट के नेता कौन हैं? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  4. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ संसद में गिरा महाभियोग प्रस्ताव

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

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    इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सोक-योल

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सोक-योलको पद से हटाने के लिए लाया गया महाभियोग प्रस्ताव वोटों की कमी के चलते गिर गया.

    बीबीसी कोरिया सेवा के अनुसार, शनिवार को नेशनल असेंबली के सदस्य वू वोन-सिक ने राष्ट्रपति यूं सोक-योल के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पर वोट के बारे में कहा, "कोरम यानी संख्या बल पूरा ना हो पाने की वजह से इस प्रस्ताव पर वोटिंग का मक़सद पूरा नहीं हो पाया. जिस वजह से महाभियोग प्रस्ताव अपने आप ही रद्द हो गया."

    अब महाभियोग प्रस्ताव के लिए अगला मतदान 11 दिसंबर को होगा. शनिवार को महाभियोग पर मतदान के दौरान सदन में दो तिहाई से भी कम सदस्य मौजूद थे.

    दक्षिण कोरिया की संसद में सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद को छोड़कर बाकी सभी मतदान से पहले ही सदन से निकल गए थे.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लगाने का एलान किया था. हालांकि अगले ही दिन भारी दबाव के कारण इस फ़ैसले को वापस भी लेना पड़ा था.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ लगाने के पीछे देश विरोधी ताकतों और उत्तर कोरिया से ख़तरों का हवाला दिया था.

  5. बीएसएफ़ के अधिकारी ने बांग्लादेश के सुरक्षा बलों के साथ रिश्ते पर क्या कहा?

    बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ़) के फ़्रंटियर आईजी सूर्यकांत शर्मा

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    इमेज कैप्शन, बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ़) के फ़्रंटियर आईजी सूर्यकांत शर्मा

    बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्तों में इन दिनों तल्ख़ी देखी जा रही है.

    बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव है.

    इसी बीच, उत्तर बंगाल क्षेत्र में बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ़) के फ़्रंटियर आईजी सूर्यकांत शर्मा ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को लेकर एक बयान दिया है.

    उन्होंने कहा, “हमारे बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं. हम दोनों मिलकर सीमा पर होने वाले अपराधों को रोक रहे हैं.”

    समाचार एजेंसी एएनआई ने भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों के मौजूदा हालात का सीमा पर भी असर के बारे में उनसे एक सवाल किया था. इसके जवाब में उन्होंने कहा, "सीमा पर अभी तक इसका कोई असर नहीं पड़ा है. बीएसएफ़ और बीजीबी दोनों बल मिलकर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं."

    भारत ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी पर बयान जारी करते हुए आपत्ति ज़ाहिर की थी और वहां के अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी चिंता जताई थी.

    बांग्लादेश सरकार ने भी भारत के बयान को लेकर आपत्ति दर्ज की थी और कहा था कि इस तरह के बयान से दोनों देशों के रिश्ते ख़राब हो रहे हैं.

    बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के विरोध में भारत में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं.

  6. दिल्ली के लिए दोबारा रविवार को किसान निकालेंगे मार्च

    शुक्रवार को शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान किसान

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    इमेज कैप्शन, किसान एमएसपी की क़ानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं

    किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि किसान अब रविवार को दोबारा से दिल्ली के लिए अपना मार्च शुरू करेंगे.

    सामाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि उनको केंद्र सरकार की तरफ़ से किसानों के मुद्दों पर बातचीत के लिए कोई भी संदेश नहीं मिला है.

    किसान नेता पंढेर ने कहा है कि अब किसानों का 101 जत्था रविवार को दोबारा दिल्ली के लिए मार्च निकालेगा.

    शुक्रवार की सुबह ही किसानों का दिल्ली के लिए मार्च शुरू हुआ था. किसान एमएसपी की क़ानूनी गारंटी की मांग पर दिल्ली में प्रवेश के लिए आगे बढ़ रहे थे. लेकिन पुलिस ने किसानों को पंजाब और हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर ही रोक लिया था.

    किसानों को रोकने की कोशिश में पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे. इसकी वजह से कुछ किसान घायल भी हो गए थे. जिसके बाद किसानों ने शनिवार के लिए अपना मार्च अस्थाई तौर पर स्थगित करने का फ़ैसला किया था.

    शंभू बॉर्डर पर मीडिया को संबोधित करते हुए सरवन सिंह पंढेर ने 16 किसानों के ज़ख़्मी होने की बात कही थी.

    शुक्रवार को शंभू बॉर्डर पर ही सरवन सिंह पंढेर ने कहा था, "हम शनिवार को अपना मार्च इसलिए भी रोक रहे हैं ताकि केंद्र सरकार से बातचीत हो. हम केंद्र के साथ टकराव नहीं चाहते हैं, बल्कि वार्ता करना चाहते हैं."

  7. सीरिया में विद्रोही गुटों ने जॉर्डन की सीमा से सटे दाराआ इलाक़े पर भी किया कब्ज़ा

    सीरिया के विद्रोही गुट

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    इमेज कैप्शन, विद्रोही गुटों ने दाराआ के 90 फ़ीसदी से भी ज्यादा के हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है

    सीरिया में विद्रोही गुटों ने दाराआ क्षेत्र की अधिकतर जगहों पर भी अपना कब्ज़ा जमा लिया है.

    दाराआ वही इलाक़ा है जहां से साल 2011 में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ विद्रोह शुरू हुआ था.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार विद्रोही गुटों ने कहा है कि वे अपने लड़ाकों को वापस बुलाने और सैन्य अधिकारियों को राजधानी दमिश्क तक सुरक्षित रास्ता देने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं.

    इस बीच सीरिया की सेना का कहना है कि वे होम्स शहर के आसपास हवाई हमले कर रही है ताकि वह शहर में घुस चुके विद्रोहियों को पीछे धकेल सके.

    ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (एसओएचआर) के अनुसार विद्रोही गुटों ने दाराआ के 90 फ़ीसदी से भी ज़्यादा क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है.

    दाराआ रणनीतिक रूप से एक अहम इलाक़ा है. यह इलाक़ा जॉर्डन की सीमा के पास मेन क्रॉसिंग के क़रीब भी है.

    शुक्रवार को जॉर्डन के गृह मंत्री ने सीरिया के साथ लगी अपनी सीमा को बंद करने का एलान किया था और अपने नागरिकों से जल्द से जल्द सीरिया छोड़ने को कहा था.

  8. प्रशांत किशोर बिहार में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बारे में क्या बोले?

    प्रशांत किशोर (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, प्रशांत किशोर किशोर ने लाठीचार्ज पर कहा- अगर कोई भी दोषी है तो उसपर कार्रवाई हो

    बिहार में बीपीएससी की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन का विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना पर प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है.

    बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था. छात्र बीपीएससी कार्यालय के सामने नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे.

    प्रशांत किशोर ने कहा, “पहले तो लोकतंत्र में किसी भी तरह का लाठीचार्ज दुखद है. लेकिन नीतीश कुमार की सरकार में कोई भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने आता है तो सरकार लाठीचार्ज को ही सबसे आसान जरिया मानती है.”

    प्रशांत किशोर ने कहा, “अगर कोई भी अधिकारी दोषी है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. एक बच्चे को चोट लगी है, वह अस्पताल में है. हम अपनी तरफ से उसकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.”

    प्रशांत किशोर ने बयान दिया कि पूरा हंगामा नॉर्मलाइजेशन को लेकर हुआ है. इसमें सरकार का दोष इतना ही है कि उन्होंने समय रहते लिखित में इस बात को साफ नहीं किया. अब हंगामा होने के बाद कहा जा रहा है कि परीक्षा एक ही पेपर से होगी. सरकार की लापरवाही से ही ऐसा हंगामा हुआ है. विद्यार्थियों या समाज के किसी भी वर्ग के प्रदर्शन या बात रखने पर लाठीचार्ज कराना ग़लत है.”

    क्या है नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया

    नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया में अलग-अलग पालियों में आयोजित हुई परीक्षाओं के अंकों का सामान्यीकरण होता है.

    जैसे अगर कोई परीक्षा दो पालियों में हो रही है और पहली पारी में दूसरी पाली के मुक़ाबले आसान प्रश्नपत्र आया है. ऐसे में दूसरी पाली में परीक्षा देने वालों को ज़्यादा अंक मिलेंगे. अब नॉर्मलाइजेशन के जरिए पहली पारी के छात्रों के अंकों को भी उसी हिसाब से बढ़ाया जाएगा.

    इस प्रक्रिया के विरोध में छात्रों का तर्क है कि इससे उनके अंकों पर असर पड़ेगा और मेरिट लिस्ट में उनका स्थान नीचे चला जाएगा.

  9. एडिलेड डे-नाइट टेस्ट में भारत पर मंडराया हार का ख़तरा, 128 रन पर गंवा दिए पांच विकेट

    आउट होने के बाद भारत के कप्तान रोहित शर्मा

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    इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच में भारत का रिकॉर्ड बेहद ख़राब रहा है

    एडिलेड नें गुलाबी गेंद से खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट का दूसरा दिन ख़त्म हो गया है.

    दिन का खेल ख़त्म होने पर भारत ने 128 रन पर पांच विकेट गंवा दिए हैं.

    भारत का कोई भी बल्लेबाज़ क्रीज़ पर टिकने में विफल रहा. कप्तान रोहित शर्मा ने मात्र छह रन और विराट कोहली ने 11 रन बनाए. फ़िलहाल क्रीज़ पर ऋषभ पंत और नितीश कुमार रेड्डी मौजूद हैं.

    दूसरे दिन के खेल में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अपनी पहली पारी में 337 रन बना कर ऑलआउट हो गई थी और उसने भारत पर 157 रनों की बढ़त भी हासिल कर ली थी.

    अगर दूसरी पारी में भारत एक बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर पाता है तो उसके हार की प्रबल आशंका रहेगी.

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच में भारत का रिकॉर्ड बेहद ख़राब रहा है.

    साल 2020 में एडिलेड में गुलाबी गेंद से खेले गए डे-नाइट टेस्ट में भारत की टीम महज़ 36 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी. यह भारत का टेस्ट मैच में न्यूनतम स्कोर भी है.

  10. रॉबर्ट वाड्रा ने क्यों कहा- योगी आदित्यनाथ की सोच है बंटेंगे तो कटेंगे

    रॉबर्ट वाड्रा (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, रॉबर्ट वाड्रा ने कहा- योगी आदित्यनाथ के भाषणों में गुस्सा होता है

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बांग्लादेश और मोहम्मद अली जिन्ना के बारे में दिए एक बयान पर वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है.

    रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "योगी आदित्यनाथ अपनी सोच को इसी तरह से रखते हैं कि बंटेंगे तो कटेंगे. लखीमपुर खीरी में जब किसानों पर गाड़ी चढ़ाई गई थी और प्रियंका उनसे मिलने गई थीं, तो प्रशासन ने उनको किसानों से नहीं मिलने दिया था. उल्टा प्रियंका को गिरफ़्तार कर लिया था. प्रशासन ऐसा तभी कर सकता है जब उसे सीएम का समर्थन हो."

    रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, “योगी आदित्यनाथ के भाषणों में गुस्सा होता है. लेकिन वह साधु संत के कपड़े पहने हैं. वह बंटेंगे तो कटेंगे और बांग्लादेश की बात करते हैं. लेकिन हमें अपने देश की बात करनी चाहिए. कोशिश करनी चाहिए एक सेक्युलर सरकार हो. उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है. वहां पर सभी को एकजुट होना चाहिए. सरकार को भी कोशिश करनी चाहिए. असल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए.”

    इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने एक बयान में बांग्लादेश के बारे कहा था कि जब तक जिन्ना की आत्मा वहां रहेगी, तब तक अराजकता जारी रहेगी.

    योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र चुनाव के समय प्रचार के दौरान 'बंटेंगे तो कटेंगे' का नारा दिया था. हालांकि महाराष्ट्र चुनाव में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक हैं तो सेफ़' हैं का नारा दिया था.

    विपक्षी पार्टियां कई बार 'बंटेंगे तो कटेंगे' वाले नारे पर कई बार बीजेपी को निशाने पर ले चुकी हैं.

  11. कांग्रेस ने कहा- ‘अदानी को बचाने में मोदी सरकार ने भारत की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी’

    गौतम अदानी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, गौतम अदानी (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस ने एक बार फिर उद्योगपति गौतम अदानी के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा है.

    अमेरिका में पिछले महीने भारतीय कारोबारी गौतम अदानी के ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए थे. इसके बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गौतम अदानी को बचाने का आरोप लगाया था.

    अपनी एक एक्स पोस्ट में अब कांग्रेस ने लिखा है, “मोदी सरकार और बीजेपी ने अदानी को बचाने के लिए पिछले दिनों कहा कि अमेरिका हमारे अदानी जी और मोदी जी के ख़िलाफ़ झूठी ख़बरें चलवा रहा है.”

    कांग्रेस ने इस पोस्ट में लिखा, "अब अमेरिका ने इस फ़र्ज़ी दावे का खंडन किया है और कड़े शब्दों में कहा है कि ये बहुत ही निराशाजनक है कि बीजेपी इस तरह के आरोप लगा रही है."

    कांग्रेस ने कहा, “हम हमेशा से दुनियाभर में स्वतंत्र मीडिया के ध्वजवाहक रहे हैं. मीडिया की ख़बरों में हमारा कोई दख़ल नहीं रहता है.”

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने लिखा, “एक बार फिर से अदानी को बचाने के चक्कर में मोदी सरकार ने भारत की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है. नरेंद्र मोदी का साफ़ फरमान है- 'कुछ भी करो. मेरे दोस्त अदानी को कुछ नहीं होना चाहिए.”

    नवंबर में गौतम अदानी पर अमेरिका में धोखाधड़ी का अभियोग लगाया गया था.

    उन पर अमेरिका में अपनी एक कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के लिए 25 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने और इस मामले को छिपाने का आरोप था.

    हालांकि इसके बाद अदानी ग्रुप ने एक बयान जारी करते हुए इन तमाम आरोपों का सिरे से खंडन किया था और इसे बेबुनियाद बताया था.

  12. दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव गिरने की संभावना

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल

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    इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर अगली वोटिंग 11 दिसंबर को होगी

    दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति को हटाने के लिए लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के लिए अगला मतदान अब 11 दिसंबर बुधवार को होगा.

    शनिवार को सदन में दो तिहाई से भी कम सदस्य मौजूद रहे. इसी वजह से महाभियोग प्रस्ताव के गिरने की संभावना है.

    अगर शनिवार यानी आज ये महाभियोग प्रस्ताव पास नहीं होता है तो अगले दौर का मतदान 11 दिसंबर यानी बुधवार को होगा.

    फिलहाल मतदान कर रहे सांसदों के पास महाभियोग विधेयक को पारित करने के लिए ज़रूरी संख्या बल नहीं है.

    दक्षिण कोरिया की सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद को छोड़कर बाकी सभी मतदान से पहले ही संसद से निकल गए थे.

    सत्ताधारी पीपल्स पावर पार्टी के सांसद आह्न चेओल-सू ही केवल सदन में मौजूद हैं.

    उन्होंने साल 2012, 2017 और 2022 में राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ा था. चेओल-सू ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति मतदान से पहले अपनी मर्ज़ी से पद नहीं छोड़ते हैं तो वह महाभियोग के पक्ष में मतदान करेंगे.

    सत्तारूढ़ पीपल्स पावर पार्टी (पीपीपी) के 108 सांसदों में से 107 ने सदन छोड़ दिया था. पार्टी ने महाभियोग से बचने के लिए सदन के बहिष्कार करने की रणनीति अपनाई है. दक्षिण कोरिया में महाभियोग के लिए गुप्त मतदान किया जाता है.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने एक चौंकाने वाला फ़ैसला करते हुए पहली बार दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लगाने का एलान किया था. हालांकि अगले ही दिन भारी दबाव के कारण इस फ़ैसले को वापस भी लेना पड़ा था.

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ लगाने के पीछे देश विरोधी ताकतों और उत्तर कोरिया से ख़तरों का हवाला दिया था.

  13. महाराष्ट्र में विधायकों की शपथ के बीच एसपी नेता क्यों बोले- महाविकास अघाड़ी चल नहीं पाएगी

    समाजवादी पार्टी के नेता अबु आज़मी

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    इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के नेता अबु आज़मी ने उद्धव ठाकरे की आलोचना की है

    महाराष्ट्र में विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत हो चुकी है. इस विशेष सत्र की शुरुआत नए चुने गए विधायकों को शपथ दिलाने और स्पीकर के चुनाव के लिए की गई है.

    राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने भी विधायक पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण कर ली है.

    हालांकि महाविकास अघाड़ी में शामिल पार्टी शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायकों ने शपथ ग्रहण करने से मना कर दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों शपथ ना लेने के सवाल पर कहा, "हमने आज बहिष्कार किया है जो इसकी एक ही वजह कि लोकतंत्र को ईवीएम के जरिए मारा जा रहा है. यह जनादेश महाराष्ट्र और जनता का नहीं है बल्कि ईवीएम और चुनाव आयोग का है. हमने जनता का आदर करने के लिए हमने शपथ नहीं ली है."

    हालांकि, महाविकास अघाड़ी के घटक दल समाजवादी पार्टी के नेता अबु आज़मी ने शपथ ली है और उन्होंने अन्य सहयोगी पार्टियों से नाराज़गी भी जताई है.

    अबु आज़मी ने कहा, “जो विपक्ष के लोग हैं उनकी हमसे कोई बात नहीं हुई,चुनाव में कोई समन्वय नहीं हुआ और टिकट बंटवारे में भी कोई बात नहीं हुई तो हमारा क्या लेना-देना है उनसे?”

    बाबारी मस्जिद पर सामना में छपे उद्धव ठाकरे की पोस्ट को लेकर अबु आज़मी ने शिवसेना नेता पर निशाना साधा.

    उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे कहते थे कि वे सेक्युलर हो गए हैं. उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था. लेकिन अब वे पुरानी बातें फिर से कर रहे हैं. अगर ऐसा ही होता रहेगा तो महाविकास अघाड़ी चल नहीं पाएगी.

  14. ऑस्ट्रेलिया ने भारत पर हासिल की 157 रन की बढ़त, ट्रेविस हेड का शतक

    शतक लगाने के बाद ट्रेविस हेड

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    इमेज कैप्शन, ट्रेविस हेड ने भारत के ख़िलाफ़ 140 रन बनाए

    एडिलेड में खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 337 रनों पर सिमट गई है.

    इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर भारत पर 157 रनों की बढ़त भी हासिल कर ली है.

    गुलाबी गेंद से खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था. हालांकि भारत की पहली पारी 180 रनों पर ही सिमट गई थी.

    बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अच्छी शुरुआत की. हालांकि नियमित अंतराल पर मेज़बान टीम के विकेट भी गिरते रहे.

    ऑस्ट्रेलिया के लिए ट्रेविस हेड ने शानदार शतक लगाते हुए 140 रनों की पारी खेली. इसके अलावा मार्नस लाबुशेन ने भी अर्धशतक लगाते हुए 64 रन बनाए.

    भारत के लिए जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने 4-4 विकेट लिए.

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ गुलाबी गेंद से खेले गए टेस्ट मैच में भारत का रिकॉर्ड बेहद ख़राब रहा है.

    साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एडिलेड में गुलाबी गेंद से खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच में भारतीय टीम की पारी महज़ 36 रन पर ही सिमट गई थी. ये भारत का न्यूनतम टेस्ट स्कोर भी है.

    हालांकि, इस टेस्ट सिरीज़ की बात करें तो पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच को भारत ने 295 रनों से जीता था.

  15. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग से पहले सड़कों पर जुटे लोग, अब तक की बड़ी बातें

    दक्षिण कोरिया

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    इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली के बाहर प्रदर्शनकारी

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इस हफ्ते मार्शल लॉ लगाने और उसे हटा लेने के लिए माफ़ी मांगी है.

    इस बीच यून सुक-योल की मुश्किलें बढ़ती जा रही है और उनके ख़िलाफ़ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

    दक्षिण कोरिया में आज क्या कुछ है? बड़ी बातें-

    • शनिवार सवेरे टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम संबोधन में यून सुक-योलने मार्शल लॉ लगाने और फिर उसे हटाने के लिए माफ़ी मांगी. लेकिन विपक्ष ने उनके इस्तीफ़े की मांग की है.
    • आम लोग कयास लगा रहे थे कि राष्ट्रपति अपने इस्तीफ़े का एलान करेंगे.
    • नेशनल असेंबली के बाहर हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठे हो गए हैं और राष्ट्रपति यून सुक-योल को हटाने की मांग कर रहे हैं.
    • ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब यून सुक-योल के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव पर कार्यवाही शुरू हो गई है.
    • सत्ताधारी दल पीपल्स पावर पार्टी का कहना है कि वो महाभियोग के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी.
  16. नमस्कार!

    अब बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान को दीजिए इजाज़त.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार आप तक ज़रूरी ख़बरें पहुंचाएंगे.

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    सीरिया में हलचल पर भारत सतर्क, नेहरू से लेकर मोदी तक कैसे रहे हैं संबंध. इस पूरी ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,

    असम में सार्वजनिक जगहों पर बीफ़ खाने पर पाबंदी के फ़ैसले की क्यों हो रही आलोचना? इस रिपोर्ट को विस्तार से यहां क्लिक करके पढ़िए.

    काम के बोझ या बचे हुए काम के कारण होता है तनाव, इन बातों से मिल सकती है मदद. इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  17. बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा की ख़बरों पर आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार को घेरा, क्या बोले?

    आदित्य ठाकरे

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    इमेज कैप्शन, आदित्य ठाकरे ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की ख़बरों पर कहा कि केंद्र सरकार क्यों नहीं बोल रही

    महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की ख़बरों पर प्रतिक्रिया दी है.

    आदित्य ठाकरे ने कहा, "केंद्र सरकार क्या कर रही है? हम तो ये मांग कर रहे हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर केंद्र सरकार बोले."

    "हमारी मांग है कि केंद्र सरकार कुछ करे या न करे, लेकिन बात ज़रूर करे.''

    हाल ही में बांग्लादेश में इस्कॉन मंदिर से जुड़े चिन्मय दास को गिरफ़्तारी किया गया था जिसके बाद वहां हिंसा भड़क उठी. बांग्लादेश में पीएम शेख़ हसीना की सरकार के गिरने के बाद से वहां से अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ हिंसा की ख़बरें आ रही हैं.

    इसके ख़िलाफ़ असम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं.

  18. पाकिस्तान से नज़दीकी, भारत से तल्ख़ी...आख़िर बांग्लादेश के बदले रवैये की वजह क्या है? - द लेंस

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान से नज़दीकी, भारत से तल्ख़ी...आख़िर बांग्लादेश के बदले रवैये की वजह क्या है?

    भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव बढ़ता ही जा रहा है.

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद भारत कई बार बांग्लादेश में हिन्दुओं समेत बाक़ी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता जता चुका है. वहीं दूसरी तरफ़ बांग्लादेश, भारत की चिंताओं को ख़ारिज करता रहा है.

    बांग्लादेश ने यहाँ तक कहा है कि भारत उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है.

    आख़िर किस दिशा में जा रहे हैं भारत-बांग्लादेश संबंध और आख़िर क्यों यहां तक पहुंच गई बात... द लेंस में बीबीसी के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ चर्चा इसी मुद्दे पर.

  19. असम: बराक वैली के होटलों में बांग्लादेशी नागरिकों के 'प्रवेश पर पाबंदी' का क्या है मामला, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

    भारत और बांग्लादेश

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    इमेज कैप्शन, भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है

    असम के बराक घाटी के होटलों और रेस्तरां के मालिकों ने बांग्लादेशी ग्राहकों के प्रवेश पर रोक लगाने का फ़ैसला किया है.

    इनका कहना है कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं के ख़िलाफ़ अत्याचार बंद नहीं हो जाते तब तक कछार, श्रीभूमि और हैलाकांडी ज़िलों के होटलों में पड़ोसी देश के पर्यटकों और आगंतुकों का स्वागत नहीं किया जाएगा.

    होटल और रेस्तरां एसोसिएशन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय कछार, श्रीभूमि और हैलाकांडी ज़िलों के होटलों और भोजनालयों पर लागू होता है.

    बराक घाटी का श्रीभूमि (करीमगंज) ज़िला और बांग्लादेश का सिलहट क्षेत्र, एकदूसरे के साथ 129 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं.

    बराक घाटी होटल और रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबुल राय ने मीडिया से कहा कि ये फ़ैसला बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के उत्पीड़न के विरोध में लिया गया है.

    उन्होंने कहा,"हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को बर्दाश्त नहीं कर सकते. ये बांग्लादेश में बढ़ रहे हैं. वहां इस्लामी कट्टरपंथियों ने नियंत्रण कर लिया है. इससे बांग्लादेश में लोकतंत्र खत्म हो रहा है."

    "हम बांग्लादेश के ग्राहकों को सेवा देने के बारे में तभी सोच सकते हैं जब स्थिति में सुधार होगा. तब तक हमने बांग्लादेशी ग्राहकों का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया है. हमारे पड़ोसी राज्य त्रिपुरा ने भी इसी तरह का विरोध किया है."

    इससे पहले असम के श्रीभूमि ज़िले के आयात-निर्यात संघ ने भी बांग्लादेश के साथ सभी व्यापारिक संबंधों को निलंबित करने का फ़ैसला किया था.

    इसके अलावा बराक घाटी के तीन ज़िलों में बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बराक घाटी में कई जगह बांग्लादेशी सामानों का बहिष्कार हो रहा है.

    श्रीभूमि के ज़िला उपायुक्त प्रदीप कुमार द्विवेदी ने इस मामले पर बीबीसी से कहा,"यह फै़सला होटल मालिकों का व्यक्तिगत फ़ैसला है. प्रशासन भारत सरकार के कूटनीतिक क़ानूनों के मुताबिक़ काम करता है. जो लोग विरोध कर रहे हैं, ये उनका अधिकार है."

  20. मायावती ने बांग्लादेश और संभल के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा, पढ़िए क्या कहा?

    मायावती

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    इमेज कैप्शन, पूर्व सीएम मायावती ने कांग्रेस और सपा को घेरा है

    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने संभल में हुई हिंसा का ज़िक्र कर कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इसका राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

    इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमले की ख़बरों पर भी प्रतिक्रिया दी.

    मायावती ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संभल में हुई हिंसा की आड़ में खासकर कांग्रेस और सपा मुस्लिम वोट को रिझाने में लगे हैं.

    उन्होंने कहा, "ये पार्टियां मुस्लिम समाज को संभल में आपस में लड़ा रही है. इससे मुस्लिम समाज को भी सतर्क रहना है."

    उन्होंने बांग्लादेश का ज़िक्र करते हुए कहा, "इससे भी ज्यादा दुख की बात ये है कि जिनकी बदौलत संसद में दलित वर्ग के सांसद पहुँचे हैं, वो भी अपनी-अपनी पार्टियों के आकाओं को खुश करने के लिए दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर अधिकांश चुप ही बैठ हैं."

    मायावती ने कहा, "चाहे फिर दलित उत्पीड़न का मामला अपने देश का हो या फिर बांग्लादेश का हो. पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू बड़ी संख्या में ज़ुल्म-ज़्यादती का शिकार हो रहे हैं. इनमें अधिकांश संख्या दलितों और कमज़ोर तबके के लोगों की है."

    "विपक्ष की मुख्य पार्टी इस पर चुप है और मुस्लिम वोटों के लिए ’संभल-संभल’ चिल्ला रही है. बीजेपी सरकार अपनी ज़िम्मेदारी निभाए ताकि शोषण का शिकार हो रहे लोगों को और परेशान न होना पड़े."